Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से यह सवाल किया कि क्या वह दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फिर से गिरफ्तार करने का इरादा रखता है। यह सवाल उस समय उठाया गया जब अदालत ईडी की जमानत रद्द करने की याचिका पर विचार कर रही थी।
Delhi: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की स्थिति
12 जुलाई को, सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए उनकी गिरफ्तारी को “अवैध” नहीं घोषित किया था। अदालत ने जमानत की वैधता पर सवाल उठाते हुए ईडी से पूछा कि अगर ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत रद्द कर दी जाए तो क्या होगा? ईडी की ओर से पेश वकील विवेक गुरनानी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध नहीं बताया, लेकिन अदालत के सवाल ने अदालत में असमंजस पैदा कर दिया।
Delhi: केजरीवाल की जमानत पर विवाद
अदालत ने ईडी की याचिका पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे 5 सितंबर के लिए स्थगित कर दिया। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने ईडी से कहा कि वे अपनी पसंद की तारीख तय करें और अदालत में उपस्थित हों। ईडी ने जमानत को “विकृत” बताते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था, और जमानत आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी।
ईडी और सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी
केजरीवाल को 21 मार्च और 26 जून को ईडी और सीबीआई ने क्रमशः मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार किया था। 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी और पीएमएलए के तहत गिरफ्तारी की आवश्यकता पर गहन विचार करने के लिए एक बड़ी पीठ को मामला सौंपा।
अदालत की स्थिति और प्रतिक्रिया
अदालत ने इस मामले में दायर आवेदनों को भ्रमित करार देते हुए टिप्पणी की कि यह जमानत, अवैध हिरासत या मुआवजे के लिए है। ईडी ने केजरीवाल की जमानत को चुनौती दी और इसे “सरासर उत्पीड़न” और “भ्रम का क्लासिक मामला” बताया।
भविष्य की योजना
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 21 जून को जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए एक नोटिस जारी किया था और केजरीवाल को ईडी की याचिका पर जवाब देने के लिए कहा था। 25 जून को, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए एक विस्तृत आदेश पारित किया था।
इससे स्पष्ट होता है कि केजरीवाल की जमानत की वैधता पर अभी भी कानूनी बहस जारी है और ईडी द्वारा की गई याचिका पर आगे की सुनवाई 5 सितंबर को होगी। इस मामले की स्थिति पर पूरे देश की निगाहें हैं, और यह स्पष्ट नहीं है कि अंततः क्या निर्णय लिया जाएगा।
Delhi:
अयोध्या गैंगरेप मामला: डीएनए टेस्ट और गर्भपात की कानूनी प्रक्रिया शुरू
