हालांकि, इस फुटेज से अपने आप यह साबित नहीं होता कि शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। पुलिस जांच में वीडियो की भूमिका और दूसरे सबूतों की अहमियत स्पष्ट होगी।
अवध अपार्टमेंट के CCTV में तीनों के साथ होने का दावा
यह CCTV फुटेज अवध ग्रीन अपार्टमेंट में लगे कैमरे का बताया जा रहा है। फ्लैट मालिक अजय राय के यहां लगे कैमरे में श्रद्धा दुबे, शिवा शर्मा और रश्मि एक साथ जाते हुए दिखाई देने की बात कही गई है।
अजय राय ने श्रद्धा के व्यवहार को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि श्रद्धा का स्वभाव काफी उग्र था और वह झगड़ा करने के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती थी। अजय राय के मुताबिक, श्रद्धा के इसी व्यवहार के चलते उन्होंने CCTV कैमरे लगवाए थे। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धा को कैमरे लगाए जाने पर ऐतराज था। हालांकि, ये अजय राय के अपने दावे हैं।
लखनऊ में चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी कारोबारी की मौत
यह पूरा मामला लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। 9 अक्टूबर 2026 को 28 साल के कारोबारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शिवा कैफे और खाने-पीने के कारोबार से जुड़ा हुआ था।
शिवा की मौत के बाद उसकी मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और उसकी बहन पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार का आरोप था कि शिवा के साथ मारपीट की गई और फिर उसे इमारत से नीचे धक्का दे दिया गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।
दूसरी तरफ, श्रद्धा दुबे ने एक वीडियो के जरिए अपना पक्ष रखते हुए दावा किया था कि शिवा ने खुद छलांग लगाई थी। इस तरह मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। अब पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य सबूतों के आधार पर जांच कर रही है।
नागपुर से गिरफ्तार हुईं श्रद्धा और रश्मि, ड्राइवर भी पकड़ा गया
शिवा शर्मा मौत मामले में लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को नागपुर के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीनों को लखनऊ लाया गया।
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे श्रद्धा को हजरतगंज थाने ले जाया गया, जहां उससे लगभग छह घंटे तक पूछताछ हुई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने कई सवालों के जवाब देने से परहेज किया और बार-बार अपने वकील से बात कराने की बात कही। रश्मि और ड्राइवर से भी अलग-अलग पूछताछ की गई।
इसके बाद तीनों को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, दो महिलाओं और एक पुरुष की मेडिको-लीगल जांच की गई और उनकी सेहत सामान्य पाई गई। फिर तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जेल में पहले दिन मिलने नहीं पहुंचा कोई करीबी
न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद श्रद्धा और रश्मि को गोसाईगंज स्थित जिला जेल में रखा गया है। जेल प्रशासन के मुताबिक, क्वारंटाइन की अवधि पूरी होने के बाद दोनों बहनों को महिला कैदियों की सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। वहीं, दानिश को पुरुष कैदियों की बैरक में रखा गया है।
जेल प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार को तीनों आरोपियों से मिलने कोई करीबी या रिश्तेदार नहीं पहुंचा। दोनों बहनें दिनभर शांत रहीं और दूसरे कैदियों से ज्यादा बातचीत नहीं की।
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक, तीनों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धा और रश्मि की निगरानी महिला जेल अधिकारी कर रही हैं, जबकि दानिश की निगरानी पुरुष अधिकारी कर रहे हैं। सुरक्षा कारणों से उनकी अगली अदालत पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराने की बात भी कही गई है।
अब इस मामले में सामने आए नए CCTV फुटेज से जुड़े दावों की जांच अहम होगी। शिवा शर्मा की मौत की असली वजह क्या थी और उस रात क्या हुआ था, इसका खुलासा पुलिस जांच और अदालत में पेश होने वाले सबूतों से ही हो सकेगा।
