विदेश यात्रा और मुलाकातों पर सुधांशु त्रिवेदी के आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी विदेश में होने वाली मुलाकातों और गतिविधियों को लेकर पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आती। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी विदेश जाकर ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिनके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि विदेश यात्राओं के बाद राहुल गांधी भारत के खिलाफ बोलने वाली ताकतों के सुर में सुर मिलाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा का जिक्र करते हुए तंज कसा और कहा कि कांग्रेस सत्ता से बाहर रहकर बेचैन है। हालांकि, संदिग्ध मुलाकातों और भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘राहुल गांधी को लॉन्च करने के सभी प्रयोग विफल’
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें स्थापित करने के लिए कई तरह के प्रयोग किए। कभी उन्हें युवा नेता के तौर पर पेश किया गया, तो कभी अलग-अलग राजनीतिक और वैचारिक मुद्दों पर उनकी छवि बनाने की कोशिश हुई। त्रिवेदी के मुताबिक, इन प्रयासों के बावजूद कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक रिकॉर्ड से तुलना करते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कांग्रेस को बार-बार राहुल गांधी को नए तरीके से पेश करने के बजाय अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए।
2014, 2019 और 2024 के चुनावों का किया जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने 2014 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस बेहद कम सीटों पर सिमट गई थी। इसके बाद 2019 के चुनाव से पहले राहुल गांधी की राजनीतिक छवि और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की रणनीति का भी उल्लेख किया। त्रिवेदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि लगातार तीन चुनावों में प्रयास करने के बावजूद कांग्रेस 100 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीती थीं। भाजपा सांसद ने इन नतीजों को राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया।
यूथ कांग्रेस के चुनाव और संगठनात्मक प्रयोग पर सवाल
त्रिवेदी ने कांग्रेस के संगठन में लोकतंत्र को मजबूत करने के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यूथ कांग्रेस में आंतरिक चुनाव कराने की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन में लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू करने के प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके। उन्होंने उम्मीदवारों के चयन के लिए आंतरिक चुनाव कराने की योजना पर भी टिप्पणी की और दावा किया कि यह प्रयोग सफल नहीं रहा। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने संगठन में बदलाव के कई प्रयास किए, लेकिन इनसे पार्टी की राजनीतिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना
भाजपा सांसद ने कांग्रेस में परिवारवाद के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि परिवारवाद खत्म करने की बात कहने के बावजूद कांग्रेस में गांधी परिवार की भूमिका प्रभावशाली बनी हुई है। त्रिवेदी ने पार्टी के शीर्ष पदों पर गांधी परिवार के सदस्यों की मौजूदगी को लेकर सवाल किए और कहा कि कांग्रेस को अपने दावों और संगठन की वास्तविक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
संवैधानिक व्यवस्था को लेकर भी लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बार-बार स्थापित करने की कोशिश में पार्टी अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति का असर देश की संवैधानिक व्यवस्था पर पड़ रहा है। कुल मिलाकर, राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर शुरू हुई भाजपा की आलोचना कांग्रेस के नेतृत्व, चुनावी प्रदर्शन, परिवारवाद और संगठनात्मक व्यवस्था तक पहुंच गई। वहीं, कांग्रेस का पक्ष और इन आरोपों पर उसकी प्रतिक्रिया इस पूरे राजनीतिक विवाद में अहम होगी।
