प्रयागराज और कानपुर में भी रुकेगी स्लीपर वंदेभारत
वाराणसी से दिल्ली के बीच चलने वाली प्रस्तावित स्लीपर वंदेभारत ट्रेन का ठहराव प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भी होगा। इससे इन शहरों के यात्रियों को भी फायदा मिल सकता है। फिलहाल वाराणसी और नई दिल्ली के बीच दो वंदेभारत ट्रेनें चल रही हैं। देश की पहली वंदेभारत ट्रेन भी इसी रूट पर शुरू हुई थी। अब स्लीपर वंदेभारत शुरू होने से रात में सफर करने वाले यात्रियों को एक नया विकल्प मिल सकता है। हालांकि, ट्रेन के नियमित संचालन की तारीख और अंतिम समय-सारिणी की घोषणा अभी बाकी है।
सप्ताह में छह दिन चलेगी ट्रेन, जानिए टाइमिंग
प्रस्तावित समय-सारिणी के मुताबिक, वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली स्लीपर वंदेभारत रात 8:50 बजे रवाना होगी। रात 10:35 बजे प्रयागराज पहुंचेगी और पांच मिनट रुकने के बाद कानपुर के लिए रवाना हो जाएगी। इसके बाद ट्रेन अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलेगी। अगले दिन सुबह 4:45 बजे प्रयागराज और सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचने का प्रस्ताव है। नियमित संचालन शुरू होने पर ट्रेन सप्ताह में छह दिन चल सकती है और शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा। यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले रेलवे की आधिकारिक समय-सारिणी जरूर जांच लें।
स्लीपर वंदेभारत में 16 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता
नई स्लीपर वंदेभारत ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और इनमें एक साथ 823 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में 3 टियर एसी के 11 कोच होंगे, जिनमें 611 यात्रियों के बैठने-सोने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा 2 टियर एसी के चार कोच होंगे, जिनकी कुल क्षमता 188 यात्रियों की होगी। फर्स्ट एसी का एक कोच भी होगा, जिसमें 24 यात्री सफर कर सकेंगे। इस तरह ट्रेन में अलग-अलग बजट और सुविधा के हिसाब से एसी स्लीपर क्लास का विकल्प मिलेगा। किराये की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यात्रा का खर्च स्पष्ट हो सकेगा।
रात का सफर होगा आरामदायक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्लीपर वंदेभारत को खास तौर पर लंबी दूरी की रात की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए तैयार किया गया है। अभी तक वंदेभारत ट्रेनें मुख्य रूप से दिन के सफर के लिए इस्तेमाल होती रही हैं। स्लीपर वर्जन में यात्रियों को लेटकर सफर करने की सुविधा मिलेगी। कोच की बर्थ में अतिरिक्त कुशनिंग की गई है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान आराम मिल सके।
ऑटोमैटिक दरवाजे से टच-फ्री सुविधाओं तक
ट्रेन के इंटीरियर को आधुनिक रूप दिया गया है। इसमें सेंसर से चलने वाले ऑटोमैटिक दरवाजे, चौड़ी खिड़कियां और आधुनिक बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं दी गई हैं। टच-फ्री नल और हैंड वॉशर भी उपलब्ध कराए गए हैं। फर्स्ट एसी कोच में गर्म पानी से नहाने के लिए शॉवर की सुविधा भी दी गई है। कोच को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बाहर का शोर कम से कम अंदर पहुंचे। इन सुविधाओं के साथ वाराणसी-दिल्ली स्लीपर वंदेभारत लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक नया विकल्प बन सकती है। अब यात्रियों को नियमित संचालन, किराये और टिकट बुकिंग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
