मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा
ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि मुस्लिम समाज के लोग अब चाहते हैं कि अखिलेश यादव किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करें। उनके मुताबिक, ऐसा करने पर ही मुस्लिम समाज के लोग सपा को वोट देने के बारे में सोचेंगे। राजभर के इस बयान ने यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात को सपा के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी दलों के नेता इस मुलाकात को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, राजभर के आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं, जिनकी पुष्टि के लिए अलग से कोई सबूत पेश नहीं किया गया है।
रामपुर जेल में आजम खान से मिलेंगे अखिलेश यादव, परिवार से भी करेंगे मुलाकात
अखिलेश यादव आज दोपहर रामपुर पहुंचकर जिला जेल में बंद आजम खान से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह आजम खान के घर जाकर उनके परिवार के लोगों से भी मिलेंगे। दोनों नेताओं की करीब एक साल और 14 दिन बाद मुलाकात होने जा रही है। इससे पहले अखिलेश यादव 8 अक्टूबर 2025 को रामपुर आए थे और आजम खान से मिले थे। ऐसे में इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दोनों नेताओं की मुलाकात से सपा के भीतर और प्रदेश की राजनीति में क्या संदेश जाएगा, इस पर भी नजर बनी हुई है।
आजम खान से मुलाकात का एजेंडा क्या है? सपा नेताओं ने नहीं खोले पत्ते
अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को लेकर सपा नेताओं ने फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं दी है। रामपुर के सपा नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेल में बंद आजम खान से मिलने पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साल अखिलेश यादव ने आजम खान से उनके घर पर मुलाकात की थी। हालांकि, इस बार मुलाकात का एजेंडा क्या है, इसकी जानकारी खुद अखिलेश यादव ही दे सकते हैं।
वहीं, रामपुर के सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने बताया कि अखिलेश यादव के दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जेल में मुलाकात के बाद वह आजम खान के आवास पर जाकर उनके परिवार से भी मिलेंगे। पार्टी की ओर से मुलाकात के राजनीतिक मकसद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे पर सुरक्षा सख्त, जौहर यूनिवर्सिटी से जेल तक पुलिस तैनात
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। उनके हेलीकॉप्टर के जौहर यूनिवर्सिटी स्थित हेलीपैड पर उतरने से लेकर जिला जेल और आजम खान के आवास तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील जगहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि दौरे के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
रामपुर की सियासत पर क्यों अहम है अखिलेश-आजम की मुलाकात?
अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। रामपुर लंबे समय से समाजवादी पार्टी की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में रामपुर जिले की पांच में से तीन सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में अखिलेश यादव की इस मुलाकात को आजम खान के साथ रिश्तों और मुस्लिम मतदाताओं के बीच पार्टी की राजनीतिक स्थिति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मुलाकात के बाद सपा और उसके विरोधियों की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
