लद्दाख: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन ने लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC), कारगिल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह फैसला प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन और नए जिलों के गठन के मद्देनजर लिया गया है। परिषद के भंग होने के बाद कारगिल के उपायुक्त को अंतरिम तौर पर परिषद की शक्तियां, कर्तव्य और कार्य सौंपे गए हैं।
10 पार्षदों के इस्तीफे के बाद फैसला
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद (CEC) डॉ. मोहम्मद जाफ़र अखून, तीन कार्यकारी पार्षदों और छह अन्य पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद परिषद को भंग करने का आदेश जारी किया गया।
प्रशासन ने कारगिल जिले की क्षेत्रीय सीमाओं में हुए बदलावों को भी फैसले का आधार बताया है। द्रास, ज़ंस्कार और सांकू जैसे नए जिलों के गठन के बाद पुराने कारगिल जिले के प्रशासनिक क्षेत्र में पुनर्गठन किया गया है।
तत्काल प्रभाव से खत्म हुई परिषद की सदस्यता
आदेश के मुताबिक, पूर्व परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद, कार्यकारी पार्षद और अन्य निर्वाचित या मनोनीत सदस्य तत्काल प्रभाव से अपने पदों पर नहीं रहेंगे। वे परिषद के सदस्यों के रूप में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल भी नहीं कर सकेंगे।
प्रशासन ने शासन व्यवस्था में निरंतरता बनाए रखने, प्रशासनिक शून्यता को रोकने और सार्वजनिक सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने के लिए परिषद के सभी अधिकार और जिम्मेदारियां अंतरिम रूप से कारगिल के उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को सौंप दी हैं।
आठ पहाड़ी परिषदों के गठन तक जारी रहेगी अंतरिम व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार, यह अस्थायी व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद अधिनियम, 1997 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार अलग-अलग स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों का गठन नहीं हो जाता।
लद्दाख प्रशासन ने 19 अक्टूबर 2026 से प्रभावी संशोधन विनियमन के जरिए केंद्र शासित प्रदेश के सभी आठ जिलों में पहाड़ी विकास परिषदों के गठन का रास्ता तैयार किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16 अक्टूबर को लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (संशोधन) विनियमन, 2026 प्रख्यापित किया था, जिसे बाद में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अधिसूचित किया।
सांकू बना लद्दाख का आठवां जिला
16 अक्टूबर को प्रशासन ने सांकू को लद्दाख का आठवां जिला घोषित करने और वहां LAHDC सांकू के गठन से संबंधित अधिसूचना जारी की थी। नए जिलों के गठन के साथ पहाड़ी परिषदों के क्षेत्राधिकार और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया जा रहा है।
प्रशासन की नई व्यवस्था का उद्देश्य आठ जिलों में अलग-अलग पहाड़ी विकास परिषदों का गठन करना है। इसके तहत लेह, कारगिल, सांकू, द्रास, ज़ंस्कार, नुब्रा, शाम और चांगथांग के लिए परिषदों की व्यवस्था की जा रही है।
लेह और कारगिल परिषद के कार्यकाल में अंतर
लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद का कार्यकाल 30 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गया था, जबकि कारगिल परिषद का कार्यकाल अक्टूबर 2028 तक निर्धारित था। हालांकि, कारगिल परिषद को समय से पहले भंग किए जाने के बाद उसकी अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था नए परिषदों के गठन तक जारी रहेगी।
