UP Politics: IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरीं दिव्या मित्तल, नई पार्टी ‘जननीति भारत’ का ऐलान; बोलीं- अब राज आपका होगा

UP Politics: आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखने वालीं दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया और अपनी नई पार्टी का नाम ‘जननीति भारत’ बताया। दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति में जनता की भूमिका सबसे अहम होनी चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी का संदेश देते हुए कहा, “राजनीति आप पर राज करती है, लेकिन जननीति में राज आपका होगा।”

दिव्या मित्तल की इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में उनकी नई पारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब तक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर पहचान बनाने वाली दिव्या मित्तल ने साफ कर दिया है कि वह अब जनता के बीच जाकर राजनीति करना चाहती हैं।

जननीति भारत के तीन वचन क्या हैं?

नई पार्टी ‘जननीति भारत’ के जरिए दिव्या मित्तल ने आम लोगों की समस्याओं को राजनीति के केंद्र में रखने की बात कही है। उन्होंने अपनी राजनीतिक पहल के तहत तीन वचन सामने रखे हैं, जिनका मुख्य मकसद जनता की जरूरतों के हिसाब से नीतियां बनाना और विकास कार्यों में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।

किसानों, छोटे व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं को मिलेगी प्राथमिकता

दिव्या मित्तल का कहना है कि सरकारी नीतियां केवल कागजों पर नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तैयार होनी चाहिए। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके अनुभवों और सुझावों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उनका जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें आम आदमी की बात सुनी जाए और उसकी परेशानियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास और महिलाओं की सुरक्षा पर जोर

दिव्या मित्तल ने विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में जाति, धर्म या किसी दूसरी पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को भी अपनी राजनीतिक पहल का अहम मुद्दा बनाया है।

उनकी पार्टी का एक प्रमुख विचार यह भी है कि स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी हो। इससे लोगों की जरूरत के मुताबिक योजनाएं बनाने और उनके कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

राजा भैया और अखिलेश यादव की ओर से भी आया था पार्टी में शामिल होने का ऑफर

दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री से पहले उन्हें दूसरी पार्टियों से जोड़ने की चर्चाएं भी सामने आई थीं। चर्चा थी कि राजा भैया की जनसत्ता दल की ओर से उन्हें पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक सवाल के जवाब में दिव्या मित्तल को सपा में शामिल होने का ऑफर दिया था।

अखिलेश यादव ने इस दौरान कहा था कि अब दिव्या मित्तल को भी तय करना पड़ेगा कि वह हरा गमछा पहनेंगी या लाल गमछा। हालांकि, अब दिव्या मित्तल ने अपनी अलग पार्टी ‘जननीति भारत’ की घोषणा करके स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनने का ऐलान कर दिया है।

कौन हैं दिव्या मित्तल?

दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। वह मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह सख्त प्रशासनिक कार्यशैली और फैसलों को लेकर चर्चा में रही हैं। उनकी तैनाती के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेदों की खबरें भी सामने आती रही थीं।

दिव्या मित्तल की पढ़ाई आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हुई। इसके बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें भारत वापस ले आई। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।

13 साल की सेवा को कहा अलविदा

नौकरी छोड़ने की जानकारी देते हुए दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उन्होंने अपनी इच्छा से 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा यात्रा को विराम दिया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह देश को कुछ देने के इरादे से आई थीं, लेकिन लोगों से उन्हें इतना प्यार, सम्मान और अपनापन मिला कि उनकी झोली भर गई।

उन्होंने अपने कार्यकाल में साथ देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों का भी आभार जताया था। अब प्रशासनिक सेवा से निकलकर राजनीति में आईं दिव्या मित्तल के सामने नई चुनौती जनता का भरोसा जीतने और अपने वादों को जमीन पर उतारने की होगी। उनकी नई पार्टी ‘जननीति भारत’ चुनावी राजनीति में कितना असर दिखा पाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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