Jat: दिल्ली के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष क्षण तब आया जब राजधानी के छत्रसाल स्टेडियम में कैलाश गहलोत ने तिरंगा फहराया। यह पल दिल्ली के जाट समुदाय के लिए गर्व का था, क्योंकि गहलोत 1998 के बाद पहले जाट नेता हैं जिन्होंने राज्य स्तरीय 15 अगस्त के कार्यक्रम में झंडा फहराने का सम्मान प्राप्त किया।
गहलोत की उपस्थिति और जाट समुदाय का उत्साह
गहलोत की उपस्थिति ने नजफगढ़ और पालम के जाट बहुल गांवों के सैकड़ों लोगों को समारोह में शामिल होने के लिए आकर्षित किया। इन गांवों से आए लोगों ने गहलोत के इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए स्टेडियम में भारी भीड़ जुटाई। बापरौला गांव के रणधीर सिंह सोलंकी ने इस पल को अपने समुदाय के लिए गर्व का बताया, जबकि पालम दिचाऊ गांव के करण सिंह ने कहा कि इस सम्मान के लिए समुदाय में कोई विवाद नहीं है।
सीएम केजरीवाल की अनुपस्थिति और गहलोत की भूमिका
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री झंडा फहराते हैं, लेकिन इस बार सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं के कारण जेल में हैं। इसके परिणामस्वरूप, केजरीवाल ने 12 मंत्रालयों का प्रभार संभाल रही आतिशी को उनकी जगह नामित किया। हालांकि, तिहाड़ प्रशासन द्वारा जेल नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कैलाश गहलोत को झंडा फहराने के लिए नामित किया।
समुदाय का गर्व और उत्साह
गहलोत द्वारा झंडा फहराने को लेकर जाट समुदाय के सदस्य गर्व महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस पल ने उनके समुदाय को राष्ट्रीय मंच पर गौरव प्रदान किया है। यह अवसर नजफगढ़, पालम और अन्य क्षेत्रों से आए लोगों के लिए विशेष था और उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण का आनंद लिया।
इस प्रकार, स्वतंत्रता दिवस 2024 को कैलाश गहलोत के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण आयोजन के रूप में याद किया जाएगा, जिसने दिल्ली के जाट समुदाय को गर्व और उत्साह से भर दिया है।
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