Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में ‘जनता की अदालत’ में जनता को संबोधित करते हुए बड़े वादे किए और अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कसम खाकर कहा कि वह दिल्ली के 2 करोड़ लोगों को अपना परिवार मानते हैं और उनके लिए जो काम किया है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है। केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने दिल्लीवासियों को मुफ्त बिजली-पानी, बच्चों को अच्छी शिक्षा, अस्पतालों में मुफ्त इलाज, महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, और बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा दी है।
सातवीं ‘रेवड़ी’ का वादा
केजरीवाल ने आगे कहा कि वह अब दिल्ली की माताओं और बहनों को हर महीने 1000 रुपये देने की योजना भी ला रहे हैं, जिसे वह सातवीं ‘रेवड़ी’ के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके ये वादे जनता के कल्याण के लिए हैं और इससे दिल्ली के नागरिकों को बेहतर जीवन मिल सकेगा।
पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग
केजरीवाल ने दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए ताकि वे बिना किसी रोक-टोक के दिल्ली की जनता के हित में काम कर सकें। उनके अनुसार, यह कदम दिल्ली के विकास को एक नई दिशा में ले जाएगा और लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।
विपक्ष का हमला
वहीं, विपक्षी दलों ने केजरीवाल पर मुफ्तखोरी की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, केजरीवाल की ये ‘रेवड़ी’ जनता को आर्थिक रूप से निर्भर बना रही हैं और इससे राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर हो रही है। लेकिन केजरीवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ जनता का भला करना है और उनकी सरकार ने दिल्ली को कई मोर्चों पर आगे बढ़ाया है।
राज्य का दर्जा दिलाने की मांग
अरविंद केजरीवाल का ‘जनता की अदालत’ में दिया गया यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि वह दिल्लीवासियों को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। चाहे वह मुफ्त सुविधाओं की बात हो या फिर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग, केजरीवाल का यह भाषण आगामी चुनावों में उनकी सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है।
