दिल्ली हाई कोर्ट का कड़ा रुख: एसयूवी चालक की गिरफ्तारी पर पुलिस को फटकार

High Court: ने एसयूवी चालक की गिरफ्तारी पर पुलिस को फटकार लगाई"

High Court: दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के पुराने राजिंदर नगर में हाल ही में हुए आईएएस कोचिंग सेंटर की बाढ़ की घटना के मामले में पुलिस की जांच पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस घटना में तीन यूपीएससी उम्मीदवारों की मौत हो गई थी। अदालत ने एसयूवी चालक मनुज कथूरिया की गिरफ्तारी पर पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि “शुक्र है कि आपने बारिश के पानी का चालान नहीं काटा।”

बाढ़ और मौत की घटना

29 जुलाई को, दिल्ली के पुराने राजिंदर नगर में स्थित राऊ के आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में पानी भर गया, जिससे वहां पढ़ाई कर रहे तीन यूपीएससी उम्मीदवार – श्रेया यादव, तान्या सोनी, और नेविन दल्विन – डूब गए। मनुज कथूरिया ने अपनी एसयूवी को उस सड़क पर चलाया, जहां भारी बारिश के कारण पानी भर गया था। इस कारण पानी इमारत के बेसमेंट में घुस गया और तीनों उम्मीदवारों की मौत हो गई।

पुलिस की लापरवाही और हाई कोर्ट की टिप्पणी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस की जांच की गंभीर आलोचना की। अदालत ने कहा कि पुलिस ने ना तो नगर निगम के अधिकारियों से पूछताछ की और ना ही नगर निगम से संबंधित फाइलें जब्त कीं, जो इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत हो सकती थीं। अदालत ने टिप्पणी की कि पुलिस के इस तरीके से ऐसा लग रहा था जैसे वे “पानी पर जुर्माना लगा सकते थे” और एसयूवी चालक को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था।

मामले की सीबीआई को सौंपने का आदेश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है ताकि सार्वजनिक विश्वास बना रहे और जांच में कोई संदेह न हो। अदालत ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से कहा है कि वह सीबीआई द्वारा की जा रही जांच की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नामित करे।

मनुज कथूरिया को जमानत

सत्र अदालत ने मनुज कथूरिया को गैर इरादतन हत्या के आरोप में जमानत दे दी है। अभियोजन पक्ष ने स्थानीय अदालत को सूचित किया कि वे इस मामले में कठोर आरोप वापस लेने का फैसला कर चुके हैं। मनुज कथूरिया को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है और अब उन्हें जमानत पर छोड़ा गया है।

कोचिंग संस्थानों की ओर से मदद

इस त्रासदी के बाद, चार प्रमुख यूपीएससी कोचिंग संस्थानों – वाजीराम और रवि इंस्टीट्यूट, दृष्टि आईएएस, नेक्स्ट आईएएस, और श्रीराम के आईएएस – ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

High Court:इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि भारी बारिश और बाढ़ की स्थितियों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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