ISRO: भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने गगनयान मिशन से पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। ISRO ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपने आगामी Axiom-4 मिशन के लिए प्रमुख और बैकअप गगनयात्री का चयन कर लिया है। इसरो ने NASA के साथ मिलकर Axiom Space के माध्यम से एक अंतरिक्ष उड़ान समझौता (SFA) किया है, जिसके तहत भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री ISS की यात्रा करेगा।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला: प्रमुख गगनयात्री
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को प्रमुख गगनयात्री के रूप में चुना है। शुभांशु शुक्ला के पास अनुभवी पृष्ठभूमि और तकनीकी कौशल है जो इस महत्वपूर्ण मिशन के लिए आवश्यक हैं। ग्रुप कैप्टन शुक्ला अपने मिशन के दौरान ISS पर वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन प्रयोगों को अंजाम देंगे।
ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर: बैकअप गगनयात्री
गगनयात्री के बैकअप के रूप में ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर का चयन किया गया है। प्रशांत बालकृष्णन नायर को अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण बैकअप भूमिका में रखा गया है। उनके पास भी इस मिशन के लिए आवश्यक कौशल और अनुभव है, जो भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए तैयार रहने में सहायक होगा।
प्रशिक्षण और मिशन की तैयारी
चयनित गगनयात्री अगस्त के पहले सप्ताह से अपने मिशन के लिए प्रशिक्षण शुरू करेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें ISS पर सफलतापूर्वक उड़ान भरने और विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देने के लिए तैयार करना है। इस मिशन के दौरान गगनयात्री ISS पर चयनित वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन प्रयोगों को अंजाम देंगे और साथ ही अंतरिक्ष आउटरीच गतिविधियों में भी शामिल होंगे।
भारत और NASA के बीच सहयोग
ISRO का यह मिशन भारतीय मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मिशन से प्राप्त अनुभव भारतीय मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम को मजबूत करने में सहायक होंगे और ISRO तथा NASA के बीच मानव अंतरिक्ष उड़ान सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में भारत की उपस्थिति को और भी मजबूत करेगा।
ISRO:
यहाँ पढ़े: मिजोरम के मुख्यमंत्री ने अमित शाह से मणिपुर जातीय संकट पर बातचीत की
