Uttarakhand: उत्तराखंड में हालिया भारी बारिश ने कई इलाकों में आपात स्थिति पैदा कर दी है। खासकर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी। राहत की खबर यह है कि उत्तराखंड पुलिस और अन्य राहत बलों ने तेजी से बचाव कार्य करते हुए 737 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला और 2,670 लोगों को सोनप्रयाग पहुंचाया है।
रुद्रप्रयाग और टिहरी में भारी बारिश से स्थिति गंभीर
गुरुवार की सुबह तक, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में हुई भारी बारिश के कारण मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस स्थिति का त्वरित समाधान करने के लिए कई राहत टीमें मौके पर भेजी गई हैं। उत्तराखंड पुलिस ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हम श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर फंसे लोगों का बचाव कार्य पूरी तत्परता से कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सक्रिय नेतृत्व
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सीएम धामी ने वायुसेना की सहायता से केदारनाथ में फंसे लोगों को निकालने का निर्देश दिया और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों को सक्रिय किया।
यात्रा स्थगित और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग द्वारा 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर, केदारनाथ यात्रा को अगले दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और अन्य बाधाओं के कारण सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उत्तराखंड सरकार ने यमुनोत्री और केदारनाथ ट्रेक मार्गों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और बचाव कार्यों के लिए सभी सक्षम एजेंसियों को सक्रिय किया है।
अंतिम संदेश
भारी बारिश के बीच राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार और राहत बल पूरी तरह से समर्पित हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और जल्दी से जल्दी सहायता प्रदान करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की जाती है।
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