UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजियाबाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया। गाजियाबाद की सड़कों पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी पदयात्रा कर मुख्यमंत्री ने पश्चिम यूपी की राजनीति में बड़ा संदेश देने की कोशिश की। भाजपा के इस अभियान को ‘मिशन-71’ के तौर पर देखा जा रहा है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी 71 विधानसभा सीटों पर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की तैयारी है।
योगी की पदयात्रा में उमड़ी भीड़, BJP ने दिखाया दम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा और उसके बाद हुई जनसभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भाजपा इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी ताकत दिखाने के मौके के तौर पर देख रही है। गाजियाबाद को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में पश्चिमी यूपी के चुनावी अभियान की शुरुआत के लिए इस जिले को चुनना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
योगी ने पदयात्रा से पहले जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उनके भाषण में विपक्ष पर हमले के साथ-साथ पश्चिमी यूपी के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों की भी झलक दिखाई दी।
2021 में भी गाजियाबाद से चला था योगी का चुनावी फॉर्मूला
गाजियाबाद से योगी आदित्यनाथ का चुनावी अभियान शुरू करना भाजपा के पुराने फॉर्मूले की याद दिलाता है। साल 2021 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर की कड़ाके की ठंड में मुख्यमंत्री ने इसी जिले से बड़ा रोड शो किया था। उस समय भी उनके रोड शो को पश्चिमी यूपी में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की अहम कोशिश माना गया था।
अब एक बार फिर योगी ने गाजियाबाद से पदयात्रा कर चुनावी माहौल गर्माने की कोशिश की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम का असर पश्चिमी यूपी की कई विधानसभा सीटों पर देखने को मिल सकता है।
पश्चिम यूपी की 71 सीटों पर BJP की नजर, पिछले नुकसान की भरपाई चुनौती
भाजपा संगठन के लिहाज से पश्चिम क्षेत्र में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल शामिल हैं। इन तीनों मंडलों में कुल 71 विधानसभा सीटें हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को इन क्षेत्रों में कुल 12 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था।
इस बार भाजपा के सामने पुराने प्रदर्शन को दोहराने के साथ-साथ पिछली हार और नुकसान की भरपाई करने की चुनौती भी है। यही वजह है कि पार्टी पश्चिमी यूपी में अभी से संगठन और चुनावी गतिविधियों को तेज करती दिखाई दे रही है। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
RLD को साथ लेकर चलने का संदेश, किसानों पर भी रहा जोर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की अहम भूमिका रही है। भाजपा इस बात को अच्छी तरह समझती है। इसी वजह से जनसभा के मंच पर रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी को अगली पंक्ति में जगह दी गई। उनके अलावा रालोद के चार अन्य पदाधिकारियों को भी मंच पर बैठाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसानों के मुद्दे उठाए और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भी याद किया। इसके जरिए भाजपा ने पश्चिमी यूपी के किसान वर्ग और रालोद के राजनीतिक प्रभाव को साधने की कोशिश की। अब देखना होगा कि गाजियाबाद से शुरू हुआ भाजपा का यह मिशन-71 आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए कितनी मजबूती तैयार कर पाता है।
