Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों के पीड़ितों के लिए योगी सरकार द्वारा राहत के आंकड़े साझा किए गए हैं। सरकार के दावे के अनुसार, पिछले 25 दिनों में 9,31,629 लोगों को राहत सहायता पहुंचाई गई है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त 2284 मकानों में से 2134 लाभार्थियों को निशुल्क आवास की सुविधा प्रदान की गई है, जबकि 150 लाभार्थियों को जल्द ही यह सुविधा मिलेगी।
बाढ़ की स्थिति और प्रभावित क्षेत्र
नेपाल और पहाड़ी इलाकों से पानी छोड़े जाने के बाद प्रदेश के लगभग 26 जिलों में बाढ़ के हालात हो गए थे। हालांकि, अब इन इलाकों में तेजी से सुधार हो रहा है और जलस्तर लगातार घट रहा है। राहत आयुक्त जीएस नवीन के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के 26 जनपद बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, कुशीनगर, शाहजहांपुर, बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलिया, गोरखपुर, बरेली, आजमगढ़, हरदोई, अयोध्या, बहराइच, बदायूं, फर्रुखाबाद, बस्ती, देवरिया, मऊ, मुरादाबाद, रामपुर, महाराजगंज, उन्नाव, पीलीभीत और श्रावस्ती शामिल हैं। इन बाढ़ प्रभावित जिलों की 78 तहसीलों के 1813 गांव, 40 वार्ड और 145 कटान गांवों समेत कुल 15 लाख से अधिक जनसंख्या प्रभावित हुई है।
राहत और पुनर्वास
सरकार द्वारा 9,31,629 लोगों को राहत सहायता पहुंचाई गई है और 38,894 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। अब तक बाढ़ के कारण 17 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, और उनके परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता धनराशि प्रदान की गई है। बाढ़ की चपेट में आने से 29 मवेशियों की मृत्यु हो चुकी है, और उनके पशुपालकों को मुआवजा दिया जा चुका है। बाढ़ से कुल 2284 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 2134 लाभार्थियों को निशुल्क आवास की सुविधा प्रदान की गई है और 150 लाभार्थियों को यह सुविधा मिलने की प्रक्रिया में हैं। 282 सार्वजनिक परिसंपत्तियां भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में 2,21,199 खाद्यान्न पैकेट और 8,02,060 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। 53 लंगर का संचालन किया जा रहा है, और मवेशियों के लिए 3492.4 कुंतल से अधिक भूसा वितरित किया गया है। प्रदेश में 1357 बाढ़ शरणालय, 1559 बाढ़ चौकियां और 2278 मेडिकल टीम का गठन किया गया है। अब तक कुल 15,829 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। प्रदेश में 9,41,680 क्लोरीन टेबलेट और 3,71,235 ओआरएस का वितरण किया गया है। वर्तमान में बाढ़ शरणालयों में 2731 व्यक्ति रह रहे हैं।
संचारी रोगों की रोकथाम
जलस्तर घटने के साथ ही योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया है ताकि कोई भी व्यक्ति इन बीमारियों की चपेट में न आए। बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए 1934 नाव और मोटर बोट का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में बाढ़ प्रभावित 3,12,232 हेक्टेयर जमीन पर राहत कार्य जारी है।
