नंद बाबा दुग्ध मिशन में बड़ा बदलाव, अब पशुपालन विभाग संभालेगा जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे नंद बाबा दुग्ध मिशन में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस मिशन का संचालन डेयरी विभाग की जगह पशुपालन विभाग करेगा। इससे योजना के तहत आवेदन करने वाले किसानों और पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अभी तक इस योजना में दो विभागों की भूमिका होने के कारण कई प्रक्रियाओं में आपसी तालमेल की जरूरत पड़ती थी। आवेदन से लेकर लाभार्थियों के चयन और ई-लॉटरी तक अलग-अलग स्तर पर काम होता था। अब संचालन की पूरी जिम्मेदारी पशुपालन विभाग को मिलने से विभागों के बीच की भागदौड़ कम होगी। इससे योजना का कामकाज तेज होने और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए 2023 में शुरू हुआ था नंद बाबा दुग्ध मिशन
नंद बाबा दुग्ध मिशन की शुरुआत साल 2023 में की गई थी। इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का मकसद किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाना है। इसके साथ ही प्रदेश में देसी नस्ल की गायों को बचाने, उनके संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शुरुआत में मिशन के संचालन की जिम्मेदारी डेयरी विभाग के पास थी, जबकि नोडल विभाग पशुपालन विभाग था। इसी व्यवस्था के चलते योजना से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं में दोनों विभागों की भूमिका रहती थी। अब संचालन की जिम्मेदारी बदलने से यह व्यवस्था पहले के मुकाबले सरल हो सकती है।
डेयरी योजना में आवेदन और ई-लॉटरी की प्रक्रिया होगी आसान
पहले नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत डेयरी शुरू करने के इच्छुक लोगों से आवेदन जुटाने का काम पशुपालन विभाग करता था। इसके बाद इन आवेदनों को डेयरी विभाग के पास भेजा जाता था। सभी आवेदन ऑनलाइन दर्ज होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में गठित समिति ई-लॉटरी के जरिए लाभार्थियों का चयन करती थी।
अब मिशन का संचालन पशुपालन विभाग के पास आने से इस प्रक्रिया में विभागों के बीच समन्वय की जरूरत कम हो जाएगी। इससे आवेदन और चयन की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, लाभार्थियों का चयन पहले की तरह निर्धारित पात्रता और सरकारी नियमों के आधार पर ही होगा।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 25 गायों की डेयरी पर 31.25 लाख की सब्सिडी
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई जा रही है। इसके जरिए बड़े स्तर पर डेयरी कारोबार शुरू करने वाले किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना में लाभार्थी को देसी नस्ल की 25 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करनी होती है।
इस परियोजना की कुल लागत 62.50 लाख रुपये तय की गई है। सरकार की ओर से इसमें 50 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है। यानी पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 31.25 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इससे किसानों को डेयरी कारोबार शुरू करने में आने वाला आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: 10 गायों की डेयरी पर 11.80 लाख रुपये अनुदान
जो पशुपालक शुरुआत में बड़े स्तर पर निवेश नहीं करना चाहते, उनके लिए सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत 10 देसी नस्ल की गायों की मिनी डेयरी यूनिट स्थापित की जा सकती है।
इस परियोजना की कुल लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें भी सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। इस हिसाब से पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
यूपी में डेयरी कारोबार शुरू करने वालों को मिलेगा फायदा
नंद बाबा दुग्ध मिशन में हुए इस बदलाव से प्रदेश में डेयरी कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन किसानों और पशुपालकों को फायदा हो सकता है, जो देसी नस्ल की गायों के जरिए अपना रोजगार शुरू करना चाहते हैं।
इस मिशन के तहत 25 गायों की बड़ी डेयरी यूनिट और 10 गायों की मिनी डेयरी यूनिट, दोनों के विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, अनुदान पाने के लिए लाभार्थियों को योजना की निर्धारित पात्रता और सरकारी शर्तों को पूरा करना होगा। ऐसे में आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग से योजना की मौजूदा गाइडलाइन और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
