Rahul Gandhi Rally: रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली पर BJP का तंज, संबित पात्रा बोले- यह शिवजी की बारात नहीं, अराजकता की धमाचौकड़ी है

Rahul Gandhi Rally:  दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी और विपक्षी दलों की रैली के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने रैली की तस्वीरें और वीडियो जारी कर विपक्ष की भीड़ जुटाने की क्षमता पर सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि कई विपक्षी पार्टियों के एक साथ आने के बावजूद रामलीला मैदान पूरी तरह नहीं भर पाया। उन्होंने राहुल गांधी के शिवजी की बारात वाले तंज पर भी पलटवार किया। संबित पात्रा ने कहा कि यह शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता की धमाचौकड़ी थी। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने और ट्रिक फोटोग्राफी के जरिए भीड़ ज्यादा दिखाने का आरोप भी लगाया।

रामलीला मैदान की तस्वीर दिखाकर BJP ने उठाए भीड़ पर सवाल

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि वह शुरुआत से ही राहुल गांधी और विपक्ष की इस रैली पर नजर रख रहे थे। कांग्रेस की तरफ से दावा किया जा रहा था कि रामलीला मैदान में करीब 10 लाख लोग जुटेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष की यह रैली आखिर में सिर्फ समय की बर्बादी साबित हुई।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामलीला मैदान का वीडियो दिखाते हुए भीड़ के दावों पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, मैदान करीब 10 से 12 एकड़ में फैला है और इसमें काफी जगह मंच, टेंट और दूसरी व्यवस्थाओं में इस्तेमाल हुई थी। उन्होंने दावा किया कि मैदान में करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन शाम चार बजे तक भी बड़ी संख्या में जगह खाली दिखाई दे रही थी।

‘शिवजी की बारात नहीं, अराजकता की धमाचौकड़ी’

राहुल गांधी की ओर से विपक्षी रैली को शिवजी की बारात बताए जाने पर संबित पात्रा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिव तांडव और शिवजी की बारात के बीच का अंतर नहीं पता, वे आध्यात्म की बातें कर रहे हैं।

संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष की यह रैली शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता की धमाचौकड़ी थी। बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आध्यात्मिक विषयों पर बोलने से पहले उनकी सही समझ होना जरूरी है। इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।

विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर भी संबित पात्रा का तंज

बीजेपी ने रैली में शामिल विपक्षी दलों की एकजुटता पर भी निशाना साधा। संबित पात्रा ने कहा कि इस प्रदर्शन में इंडी गठबंधन की लगभग सभी पार्टियां एक साथ आई थीं। मंच पर और मैदान में अलग-अलग दलों के झंडे भी दिखाई दिए, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष बड़ी भीड़ नहीं जुटा पाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने रैली के लिए पर्याप्त मेहनत नहीं की। संबित पात्रा ने कहा कि ट्रिक फोटोग्राफी से किसी नेता की लोकप्रियता साबित नहीं होती और न ही कोई प्रधानमंत्री बन जाता है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री बनने के लिए मेहनत और जनता के बीच काम करना जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम का मतलब पसीना और मेहनत है।

2024 के लोकसभा चुनाव पर राहुल गांधी को BJP का जवाब

बीजेपी ने राहुल गांधी की ओर से 2024 के लोकसभा चुनाव को गैर-कानूनी बताए जाने वाले बयान पर भी सवाल उठाए। संबित पात्रा ने पूछा कि अगर राहुल गांधी चुनाव को गैर-कानूनी मानते हैं तो क्या वह खुद भी गैर-कानूनी तरीके से सांसद चुने गए हैं? उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और दूसरे विपक्षी नेताओं को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठाए।

संबित पात्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी के भाषण में कई बार पुरानी बातें दोहराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार साल 2024 के लोकसभा चुनाव के समय मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, बल्कि 2025 में इस पद पर आए थे। ऐसे में राहुल गांधी को अपने आरोपों में तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए।

चुनाव को गैर-कानूनी बताने पर सुप्रीम कोर्ट का भी किया जिक्र

संबित पात्रा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि अगर 2024 का लोकसभा चुनाव गैर-कानूनी था तो विपक्ष ने उसी समय सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया? उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर गंभीर आपत्ति थी तो तत्काल कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।

बीजेपी नेता ने चुनौती देते हुए पूछा कि कोई ऐसी मिसाल बताई जाए, जिसमें किसी राजनीतिक दल ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हो। इस तरह बीजेपी ने रामलीला मैदान की रैली में जुटी भीड़ से लेकर चुनावी प्रक्रिया तक कई मुद्दों पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने की कोशिश की। वहीं, इस पूरे विवाद ने बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को एक बार फिर बढ़ा दिया है।

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