UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं, महिलाओं और कारोबारियों को बड़ी सौगात दी। शनिवार को लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी। किसी को नौकरी का ऑफर लेटर मिला तो किसी को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए लाखों रुपये का चेक दिया गया। वहीं, जरूरतमंद लोगों को रोजगार से जुड़ी टूलकिट और सिलाई मशीनें भी बांटी गईं। कार्यक्रम में लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। कई लोगों ने कहा कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिल रहा है।
युवाओं को मिले नौकरी के ऑफर लेटर, प्रशिक्षण के बाद खुला रोजगार का रास्ता
कार्यक्रम में कई युवाओं को नौकरी मिलने पर ऑफर लेटर सौंपे गए। लखीमपुर खीरी की नेहा यादव को हरियाणा की एक प्लास्टिक प्रोसेसिंग इंजीनियरिंग कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव मिला। मुख्यमंत्री के हाथों ऑफर लेटर मिलने पर उन्होंने खुशी जताई।
वहीं, हरदोई की आकांक्षा तिवारी ने लखनऊ स्थित सिपेट से प्रशिक्षण लिया था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें हरियाणा की कंपनी में नौकरी मिली। उन्होंने इसे अपने करियर की पहली बड़ी उपलब्धि बताया। सीतापुर के विनय कुमार वर्मा ने भी बताया कि चार महीने का निशुल्क प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें रोजगार का अवसर मिला है।
कारोबारियों को 20 लाख तक की आर्थिक मदद, कारोबार बढ़ाने का मिला मौका
कार्यक्रम में सुल्तानपुर के अजीत साहू को एमएसएमई योजना के तहत राइस मिल लगाने और कारोबार बढ़ाने के लिए 20 लाख रुपये का चेक दिया गया। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहायता से अपनी व्यावसायिक इकाई का विस्तार करना आसान होगा।
अजीत साहू ने प्रदेश की कानून व्यवस्था में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि पहले कारोबारियों को माफियाओं की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता था और उनसे पैसों की मांग की जाती थी। अब माहौल बेहतर होने से व्यापारी बिना डर के अपना काम आगे बढ़ा पा रहे हैं।
एल्युमिनियम कारोबार के लिए अमन अग्रवाल को मिले 5 लाख रुपये
लखनऊ के अमन अग्रवाल को एल्युमिनियम के बर्तन बनाने के कारोबार के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। वह कृष्णा मेटल इंडस्ट्रीज लिमिटेड में पार्टनर हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी योजना के तहत आवेदन करने के बाद सहायता की रकम सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच गई।
अमन के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही और सरकारी मदद मिलने से कारोबार को आगे बढ़ाने का रास्ता आसान हुआ है। उनका मानना है कि इस तरह की योजनाओं से छोटे उद्यमियों को भी अपने पैरों पर खड़े होने का मौका मिलता है।
महिलाओं को मिली सिलाई मशीन और टूलकिट, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कार्यक्रम में महिलाओं और छोटे कामगारों को भी रोजगार से जुड़ी सुविधाएं दी गईं। रायबरेली के दिलीप कुमार को फर्नीचर उद्योग के लिए टूलकिट मिली। उन्होंने बताया कि वह करीब 12 साल से इस काम से जुड़े हैं और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें यह सहायता मिली है।
वहीं, बाराबंकी की संगीता को सिलाई मशीन की किट दी गई। उन्होंने बताया कि वह पहले से ही कुछ महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। नई मशीन मिलने से उनका काम बढ़ेगा और वह दूसरी महिलाओं को भी रोजगार देने में सक्षम होंगी।
अंजली गुप्ता को 5 लाख रुपये की मदद, महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
लखनऊ की अंजली गुप्ता को बूटिंग के काम के लिए पांच लाख रुपये का चेक दिया गया। मुख्यमंत्री के हाथों आर्थिक सहायता मिलने पर उन्होंने खुशी जताई। अंजली का कहना है कि सरकारी योजनाओं से महिलाओं को अपना काम शुरू करने और आगे बढ़ाने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के बढ़ते अवसरों को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, आर्थिक सहायता मिलने से महिलाएं खुद का कारोबार खड़ा कर सकती हैं और परिवार की आमदनी बढ़ाने में भी योगदान दे सकती हैं।
रोजगार और स्वरोजगार बन सकते हैं चुनाव के बड़े मुद्दे
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रोजगार, युवा और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दे काफी अहम हो सकते हैं। सरकार नौकरी, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए अपनी उपलब्धियां जनता के सामने रख रही है।
हालांकि, चुनाव के दौरान इन योजनाओं का लाभ कितने लोगों तक पहुंचा और युवाओं को मिलने वाली नौकरियां कितनी स्थायी हैं, इस पर भी सवाल उठ सकते हैं। छोटे कारोबारियों को आर्थिक मदद और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे में आने वाले समय में रोजगार और सरकारी योजनाओं का असर यूपी की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
