पूर्वांचल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वांचल के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को मेघगर्जन और वज्रपात के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और कुशीनगर में मेघगर्जन के साथ बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
इसके अलावा लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में भी तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि की आशंका है। इनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, मुरादाबाद और रामपुर शामिल हैं।
इसके अलावा लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, उन्नाव, हरदोई, कन्नौज, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, बुलंदशहर, संभल, नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
31 अक्टूबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर को भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि, 1 नवंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी।
इसके बाद पश्चिमी यूपी में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है, जबकि पूर्वांचल में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। मौसम का यह मिजाज 4 नवंबर तक बने रहने का अनुमान है।
अगले 24 घंटे में 5 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक गिरावट हो सकती है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे इतनी ही बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदेश में ठंड का असर बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
