बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद चुनाव में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत हासिल की। इस परिणाम के साथ जन सुराज ने विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व दर्ज कराने का दावा किया है। हालांकि, अन्य सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों को अलग-अलग परिणामों का सामना करना पड़ा।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज को जीत
बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की। पार्टी के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इससे पहले उसे चुनावों में सीट जीतने में सफलता नहीं मिली थी।
जन सुराज ने इस चुनाव में सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। दरभंगा में जीत के अलावा पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे।
सभी आठ सीटों पर उतारे उम्मीदवार
बिहार एमएलसी चुनाव में जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ा। पार्टी की रणनीति राज्य के अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अपना समर्थन आधार परखने की भी रही।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जीत के बावजूद अन्य सीटों पर पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हालांकि, कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उसके उम्मीदवारों को मिले वोटों ने चुनावी मुकाबले को प्रभावित किया। इसके आधार पर पार्टी के राज्यव्यापी जनाधार के विस्तार का आकलन करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रवार आंकड़ों को देखना जरूरी है।
सारण शिक्षक सीट पर आफाक अहमद तीसरे स्थान पर
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार आफाक अहमद को इस बार हार का सामना करना पड़ा और वह तीसरे स्थान पर रहे। आफाक अहमद ने वर्ष 2023 में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। बाद में वह जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए।
इस बार पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के बावजूद वह अपनी पिछली सफलता दोहराने में नाकाम रहे। उनका परिणाम बताता है कि अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में जन सुराज के उम्मीदवारों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा।
बिहार की राजनीति में जन सुराज की भूमिका
प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी बिहार में अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रही है। विधान परिषद चुनाव में दरभंगा शिक्षक सीट पर मिली जीत पार्टी के लिए अहम है। वहीं, अन्य सीटों पर मिले परिणामों से पार्टी के प्रदर्शन की तस्वीर अलग-अलग नजर आती है।
