कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रेहान अंसारी, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल हैं। रेहान हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है, जबकि ऋतिक बिहार के बेगूसराय का निवासी है। वह फिलहाल महाराष्ट्र में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और उनसे पूछताछ जारी है।
ट्रेन में बिछाया जाल, दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की थी तैयारी
एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, पुलिस को आरोपियों के ट्रेन में सफर करने की जानकारी मिली थी। इसके बाद करीब 15 मिनट में जाल बिछाकर पूरी ट्रेन की तलाशी ली गई और तीनों को पकड़ लिया गया। आरोपी जनरल कोच में सफर कर रहे थे और दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश में थे।
महाराष्ट्र पुलिस की टीम आरोपियों को मुंबई ले जाने के लिए कोटा पहुंच चुकी है। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मुंबई पुलिस के हवाले किया जाएगा।
रेहान के पिता बोले- बेटे को कानून के मुताबिक सजा मिले
मुख्य आरोपी रेहान के पिता ने कहा है कि अगर उनका बेटा इस मामले में दोषी है, तो उसे कानून के मुताबिक सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जानकारी नहीं है। वह पिछले 12-13 साल से रेहान की मां के संपर्क में नहीं हैं। रेहान और उसका छोटा भाई अपनी मां के साथ रहते हैं।
रेहान के पिता ने यह भी बताया कि करीब चार-पांच महीने पहले उन्हें बेटे के खिलाफ आर्म्स एक्ट के एक मामले की जानकारी मिली थी। उस मामले में रेहान को उसकी मां ने जमानत पर छुड़वाया था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कनेक्शन की जांच, हैंडलर तक पहुंचने की कोशिश
एसपी के मुताबिक, राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। जांच में अनिल पंडित नाम के कथित हैंडलर का कनेक्शन सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे हमले का आदेश आरजू बिश्नोई ने दिया था या रोहित गोदारा ने।
पुलिस के मुताबिक, गैंग के दो हिस्से बताए जा रहे हैं। एक का संचालन आरजू और दूसरे का रोहित गोदारा करता है। शूटरों को हैंडलर से कैसे जोड़ा गया और हमले के पीछे किसका आदेश था, इसकी जांच जारी है।
20 दिन से मुंबई में थे संदिग्ध, टाइगर की रेकी करने का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों संदिग्ध करीब 20 दिनों से मुंबई में रह रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ के घर और जिम की रेकी की थी। पिछले करीब 10 दिनों से उनके आने-जाने और शेड्यूल पर नजर रखी जा रही थी। सूत्रों का दावा है कि आरोपी सिग्नल ऐप के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में थे। सोशल मीडिया पर पापराजी और ब्लॉगर्स के वीडियो से भी उन्हें अभिनेता के ठिकानों की जानकारी मिल रही थी।
चश्मदीदों ने बताया- बाइक से आए थे हमलावर
चश्मदीदों के मुताबिक, घटना के वक्त तीन हमलावर बाइक पर आए थे। एक बाइक पर ही रुका रहा, जबकि दो ने उतरकर टाइगर की कार पर गोलियां चलाईं। इसके बाद तीनों मौके से फरार हो गए। फायरिंग में उमेश चव्हाण के सीने में गोली लगी थी। उन्हें चश्मदीदों ने अस्पताल पहुंचाया।
टाइगर के ड्राइवर की शिकायत पर जुहू पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ड्राइवर और दो चश्मदीदों के बयान भी रिकॉर्ड किए हैं। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 109(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
फडणवीस बोले- हमले में शामिल किसी को नहीं छोड़ेंगे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया है। उनके मुताबिक, आरोपी सूरत की ओर भागे थे और वहां से पुणे-जयपुर ट्रेन में सवार हुए थे। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच होगी और इसमें शामिल सभी लोगों को पकड़ा जाएगा।
हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर अनमोल बिश्नोई के नाम से जुड़े एक फेसबुक अकाउंट से पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई। पोस्ट में दावा किया गया कि टाइगर को पहले फोन पर चेतावनी दी गई थी। हालांकि, इस दावे और हमले के पीछे की साजिश की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
