हालांकि, महाराष्ट्र के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में फिलहाल त्योहार के दौरान सप्लाई में कमी की आशंका नहीं है। इसके बावजूद दिवाली पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के कारण कीमतों में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
पुणे में कितनी बढ़ गई चीनी की कीमत?
पुणे शुगर मर्चेंट्स एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में चीनी के थोक और खुदरा भाव में बढ़ोतरी हुई है।
- थोक कीमत: 52 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति किलो
- खुदरा कीमत: 54 रुपये से बढ़कर 59 रुपये प्रति किलो
- 5 किलो चीनी पर अतिरिक्त खर्च: 25 रुपये
चीनी विक्रेताओं का कहना है कि त्योहार के दौरान मिठाइयों और अन्य पकवानों की मांग बढ़ने से खुदरा कीमत 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
चीनी के दाम बढ़ने की क्या है वजह?
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे केवल दिवाली की मांग जिम्मेदार नहीं है। उत्पादन लागत में इजाफा और गन्ने से चीनी बनने की दर में कमी भी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
चीनी मिलों के मुताबिक, उत्पादन लागत बढ़ने से कम कीमत पर चीनी बेचना मुश्किल हो गया है। फिलहाल मिलें करीब 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर चीनी बेच रही हैं। वहीं, पिछले साल दिवाली के दौरान चीनी की कीमत लगभग 39 रुपये प्रति किलो बताई गई थी।
महाराष्ट्र में चीनी की रिकवरी दर में गिरावट
महाराष्ट्र में मौजूदा पेराई सीजन के दौरान चीनी की रिकवरी दर 10 प्रतिशत से नीचे बताई गई है। इसका मतलब है कि गन्ने की निर्धारित मात्रा से पहले की तुलना में कम चीनी प्राप्त हो रही है। इससे उत्पादन और बाजार में उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।
