अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म, संतों की भूमिका, भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है और अब देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जरूरत है।
‘सोने की चिड़िया नहीं, सोने का शेर बनाना है भारत’
सम्राट चौधरी ने भारत के पुराने गौरव और वर्तमान विकास की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत करीब दो हजार वर्ष पहले सोने की चिड़िया के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब देश को सोने का शेर बनाना है, जो पूरी दुनिया में दहाड़ सके।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में देश की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और आत्मनिर्भरता के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के जरिए भारत की औद्योगिक ताकत बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
संतों और सनातन धर्म की परंपराओं को बताया महत्वपूर्ण
धर्म सम्मेलन में मौजूद साधु-संतों और धर्माचार्यों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन का देश के लिए विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में कई विदेशी आक्रांताओं और अंग्रेजों ने देश को नुकसान पहुंचाया, लेकिन भारतीय संस्कृति और परंपराओं ने अपनी पहचान बनाए रखी।
सम्राट चौधरी ने सनातन धर्म की समावेशी परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संतों ने अपनी साधना, विचारों और जीवन-पद्धति के माध्यम से इन मूल्यों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने संत समाज से आशीर्वाद की कामना की और कहा कि उनके मार्गदर्शन से बिहार को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने में मदद मिलेगी।
नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास की चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है और मौजूदा सरकार उनके निर्धारित विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार में पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करना है। इससे लोगों को मजदूरी या रोजगार की तलाश में मजबूरी में दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
उद्योगों और रोजगार के अवसरों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने बिहार में रोजगार सृजन के लिए उद्योगों की स्थापना और औद्योगिक विकास को अहम बताया। सरकार का प्रयास है कि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ें, ताकि युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर संभावनाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि बिहार को विकास के अगले चरण में ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों, उद्योगों के विस्तार तथा संत समाज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
