राजेश राम ने स्पष्ट किया कि खरगे की बैठक में बाधा डालने वाला व्यक्ति कांग्रेस का सदस्य नहीं था। उन्होंने कहा कि भाषण के दौरान अचानक हुई घटना को समझने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। खरगे एक अनुभवी नेता हैं और उनके बयान पर विवाद खड़ा करने से पहले पूरे घटनाक्रम को समझना चाहिए।
हल्द्वानी की घटना का किया जिक्र
राजेश राम ने हल्द्वानी में खरगे की सभा से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय सभा स्थल को पवित्र और अपवित्र मान्यताओं के आधार पर शुद्ध करने की बातें सामने आई थीं, लेकिन बीजेपी नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से वैसी प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत अस्पृश्यता जैसे गंभीर मुद्दों पर बीजेपी अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं देती, जबकि अन्य मामलों में तुरंत विरोध दर्ज कराने लगती है। राजेश राम ने यह भी दावा किया कि खरगे की तस्वीरों पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं।
पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के समर्थन में पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा, एक नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली में बिहार से 7,000 सदस्यों को भेजने की तैयारी है।
