भाई को देखने अस्पताल पहुंचा था प्रांजल ठाकरन
प्रांजल ठाकरन हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वह अपने लकवाग्रस्त भाई को देखने के लिए इंदौर के अस्पताल पहुंचा था। उसका भाई अस्पताल में भर्ती है और उसकी देखभाल के लिए एक केयरटेकर भी मौजूद है। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान मिली टिप-ऑफ के आधार पर टीम ने अस्पताल में दबिश दी और प्रांजल को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसके भाई के केयरटेकर को भी इसकी जानकारी दे दी गई। पुलिस अब प्रांजल से पूछताछ कर रही है, ताकि फायरिंग मामले में हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जा सकें।
अनिल पांडे के संपर्क में था आरोपी, हथियार सप्लाई करने का आरोप
मुंबई पुलिस का दावा है कि प्रांजल ठाकरन अनिल पांडे के सीधे संपर्क में था। आरोप है कि वह पांडे के निर्देशों पर कथित शूटर्स को हथियार सप्लाई करता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह बातचीत होती थी और वे एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए किन मोबाइल एप्लिकेशन्स का इस्तेमाल करते थे। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि प्रांजल से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क के दूसरे लोगों और हथियारों की सप्लाई से जुड़ी कड़ियों का पता लगाया जा सकता है।
पहलवान है प्रांजल, इंजीनियरिंग में भी किया है डिप्लोमा
पुलिस पूछताछ में प्रांजल ने बताया कि वह पहलवानी करता है और उसके पास इंजीनियरिंग का डिप्लोमा भी है। गिरफ्तारी के बाद उसे रविवार को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि प्रांजल का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह पहले से एक मामले में जमानत पर बाहर है। पुलिस के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब वह कथित तौर पर पांडे के लिए काम कर रहा था। जांच के दौरान पानीपत में हुई एक फायरिंग की घटना का भी जिक्र किया गया, जिसमें दोनों आरोपियों के शामिल होने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।
रेहान अंसारी उर्फ सुक्खा का भी आया नाम
इस मामले की जांच में पुलिस ने प्रांजल ठाकरन के साथ कथित शूटर रेहान अंसारी उर्फ सुक्खा का भी जिक्र किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किसके जरिए हमलावरों तक पहुंचे और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी। जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच हुई बातचीत, उनके संपर्कों और कथित तौर पर दिए गए निर्देशों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
गौरतलब है कि 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर उस समय हमला किया गया था, जब वह फुटबॉल खेलने के बाद अपनी गाड़ी से निकल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन लोगों ने उन पर कथित तौर पर गोलियां चलाई थीं। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रांजल ठाकरन की गिरफ्तारी के बाद इस केस में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। अब पुलिस का मुख्य फोकस हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क, कथित साजिश और आरोपियों के बीच संपर्क के तरीकों का पता लगाने पर है।
