NCERT AI Module: NCERT का बड़ा फैसला! कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को पढ़ाया जाएगा AI, बिना कंप्यूटर के भी सीख सकेंगे नई तकनीक

NCERT AI Module: आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल पढ़ाई, नौकरी और रोजमर्रा के कामों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्कूली बच्चों के लिए भी AI को समझना और उसका सही इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक नया मॉड्यूल तैयार किया है।

इस मॉड्यूल का मकसद छात्रों को केवल AI की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें नई तकनीक को समझने और उसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए तैयार करना भी है। इसके साथ विद्यार्थियों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग सिखाई जाएगी, जिससे वे किसी समस्या को समझकर उसका हल तार्किक तरीके से निकाल सकें।

AI की पढ़ाई के साथ बढ़ेगी छात्रों की लॉजिकल थिंकिंग

NCERT के इस नए मॉड्यूल में छात्रों को बताया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे काम करता है और इसका इस्तेमाल कहां-कहां किया जाता है। विद्यार्थी रोजमर्रा की जिंदगी में AI की भूमिका को समझ सकेंगे और जान पाएंगे कि इस तकनीक से अलग-अलग काम कैसे आसान बनाए जा सकते हैं।

इसके अलावा, छात्रों को किसी बड़ी समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उसका समाधान निकालना भी सिखाया जाएगा। इससे उनकी लॉजिकल थिंकिंग, समस्या सुलझाने की क्षमता और नए विचार सोचने की आदत को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

बिना कंप्यूटर और इंटरनेट के भी सीख सकेंगे AI

NCERT के इस मॉड्यूल की खास बात यह है कि इसे पढ़ने के लिए हर छात्र के पास कंप्यूटर, मोबाइल या इंटरनेट होना जरूरी नहीं है। इसमें ऐसी गतिविधियां शामिल की गई हैं, जिन्हें बिना किसी डिजिटल डिवाइस के भी पूरा किया जा सकता है।

इससे उन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग सीखने का मौका मिल सकता है, जहां कंप्यूटर लैब या इंटरनेट की सुविधा सीमित है। पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए ग्रुप डिस्कशन, प्रैक्टिकल गतिविधियों और अपने अनुभवों के आधार पर सीखने जैसे तरीकों पर जोर दिया गया है।

AI से मिले जवाब पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करेंगे छात्र

आज ChatGPT जैसे AI टूल्स से कुछ ही सेकंड में सवालों के जवाब और कई तरह की जानकारियां मिल जाती हैं। लेकिन AI से मिला हर जवाब सही हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार AI गलत या अधूरी जानकारी भी दे सकता है।

इसी वजह से NCERT के इस मॉड्यूल में विद्यार्थियों को जानकारी की सच्चाई जांचने की अहमियत समझाई जाएगी। छात्रों को बताया जाएगा कि किसी भी जवाब को सही मानने से पहले उसकी विश्वसनीयता परखनी चाहिए। इसके साथ इंटरनेट पर फैलने वाली फर्जी खबरों को पहचानने और डिजिटल कंटेंट को समझदारी से इस्तेमाल करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

AI मॉड्यूल में डिजिटल सुरक्षा और निजी जानकारी की गोपनीयता पर जोर

AI का इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखना भी बेहद जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए मॉड्यूल में डिजिटल सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं।

विद्यार्थियों को समझाया जाएगा कि ऑनलाइन टूल्स इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतनी चाहिए। इसके साथ ही AI का इस्तेमाल निष्पक्षता, नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ करने की जरूरत पर भी जोर दिया जाएगा।

भविष्य की पढ़ाई और नौकरी के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी

NCERT की यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य में आने वाली तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा सकती है। AI की बुनियादी समझ होने से छात्रों को आगे की पढ़ाई और बदलते रोजगार क्षेत्र में मदद मिल सकती है।

हालांकि, AI का इस्तेमाल करते समय अपनी सोच, रचनात्मकता और खुद से सीखने की आदत बनाए रखना भी जरूरी है। इस मॉड्यूल के जरिए छात्रों को तकनीक पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय उसका समझदारी से इस्तेमाल करना सिखाने पर जोर दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को कम उम्र से ही नई तकनीक के बारे में जानने और जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।

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