Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने इस केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में चुनाव होंगे और परिणाम 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
मतदान के चरण और तारीखें
चुनाव आयोग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की सभी 90 सीटों के लिए मतदान तीन चरणों में होगा। पहला चरण 18 सितंबर, दूसरा चरण 25 सितंबर और तीसरा चरण 1 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। चुनाव परिणाम 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा, कश्मीरी प्रवासियों के लिए दिल्ली, जम्मू और उधमपुर में विशेष पोलिंग बूथ बनाए गए हैं ताकि वे भी मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें।
नामांकन की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए नामांकन की तारीखों की भी घोषणा की है। पहले चरण के लिए नामांकन 27 अगस्त से शुरू होंगे, दूसरे चरण के लिए 5 सितंबर और तीसरे चरण के लिए 12 सितंबर से दाखिल किए जा सकेंगे। यह प्रक्रिया उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में उतरने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त का बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में चुनाव तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लोगों में चुनाव को लेकर काफी उत्साह है और वे चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेना चाहते हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनों का उल्लेख किया और इसे लोकतंत्र की ताकत बताया, जिसमें लोगों ने बैलट को प्राथमिकता दी।
मतदाताओं की संख्या और वर्गीकरण
राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में कुल 87.09 लाख मतदाता हैं, जिनमें 44.46 लाख पुरुष और 42.62 लाख महिलाएं शामिल हैं। इस केंद्रशासित प्रदेश में 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें से 74 सामान्य, 9 अनुसूचित जाति (एससी) और 7 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। इसमें 20 लाख युवा मतदाता भी शामिल हैं, जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशेष राज्य का दर्जा और चुनावी परिवर्तन
5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में 87 सीटें थीं, जिनमें 4 सीटें लद्दाख की थीं। अब, जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है। इनमें 74 सामान्य, 9 एससी और 7 एसटी के लिए आरक्षित हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार का कार्यकाल पहले 6 साल होता था, लेकिन अब इसे 5 साल का कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
पिछले साल, 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया था और निर्देशित किया था कि जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराए जाएं। यह आदेश जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति को लेकर स्पष्टता प्रदान करता है और आगामी चुनाव की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव भारत के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना होगी। धारा 370 के हटने के बाद यह पहला चुनाव है, जो राज्य की नई राजनीतिक स्थिति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा को स्पष्ट करेगा। चुनाव आयोग की घोषणा और चुनावी तैयारियों से यह प्रतीत होता है कि जम्मू-कश्मीर के लोग लोकतंत्र की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
