1. हीरे की ज्वेलरी खरीदते समय मांगें ग्रेडिंग रिपोर्ट
अगर आप धनतेरस पर डायमंड रिंग, नेकलेस या इयररिंग खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो हीरे की ग्रेडिंग रिपोर्ट जरूर मांगें। सोने पर लगा हॉलमार्क उसमें जड़े हीरे की असलियत या गुणवत्ता की पुष्टि नहीं करता।
हीरे की रिपोर्ट में उसकी कटिंग, रंग, स्पष्टता और कैरेट वजन जैसी जानकारियां होती हैं। GIA और IGI जैसी संस्थाएं हीरों की ग्रेडिंग रिपोर्ट जारी करती हैं। खरीदारी से पहले रिपोर्ट में दिए गए विवरण का मिलान हीरे से करें और जहां संभव हो, उसकी प्रामाणिकता भी सत्यापित करें।
2. सोने की शुद्धता के लिए जांचें BIS हॉलमार्क
सोने के गहने खरीदते समय केवल उनकी चमक और डिजाइन देखकर फैसला न लें। गहने पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और छह अंकों वाला HUID कोड जरूर जांचें।
उदाहरण के लिए, 22 कैरेट सोने पर 916 और 18 कैरेट सोने पर 750 की फाइननेस मार्किंग होती है। ग्राहक BIS Care ऐप के ‘Verify HUID’ फीचर के जरिए हॉलमार्क से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकते हैं। इससे गहने पर दर्ज विवरण का मिलान करने में मदद मिलती है।
3. मेकिंग चार्ज और टैक्स की जानकारी लें
ज्वेलरी की कीमत केवल सोने के वजन और प्रति ग्राम भाव पर निर्भर नहीं करती। इसमें मेकिंग चार्ज, कीमती पत्थरों की लागत और लागू टैक्स भी शामिल हो सकते हैं।
इसलिए खरीदारी से पहले दुकानदार से कीमत का पूरा ब्योरा मांगें। अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और ऑफर्स की तुलना करें, ताकि आपको अपने बजट के अनुसार सही विकल्प मिल सके।
4. पक्का बिल और जरूरी दस्तावेज जरूर लें
सोने या हीरे की ज्वेलरी खरीदने के बाद पक्का बिल लेना न भूलें। बिल में गहने का वजन, शुद्धता, कीमत और अन्य जरूरी विवरण स्पष्ट होने चाहिए।
यदि आप हीरे या अन्य कीमती रत्नों वाले आभूषण खरीद रहे हैं, तो उनसे संबंधित ग्रेडिंग रिपोर्ट और प्रमाणपत्र भी संभालकर रखें। भविष्य में गहने की बिक्री, एक्सचेंज या किसी विवाद की स्थिति में ये दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं।
5. शुभ मुहूर्त और ऑफर्स के चक्कर में न करें जल्दबाजी
धनतेरस पर सीमित समय के ऑफर्स और शुभ मुहूर्त के कारण कई बार ग्राहक जल्दबाजी में खरीदारी कर लेते हैं। हालांकि, महंगे आभूषण खरीदते समय गुणवत्ता और प्रमाणपत्रों की जांच को प्राथमिकता देना जरूरी है।
गहने की शुद्धता, हीरे की गुणवत्ता और कुल कीमत की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही खरीदारी करें। इससे गलत उत्पाद खरीदने या बाद में किसी तरह के विवाद का सामना करने की आशंका कम हो सकती है।
