प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश के नई अंतरिम सरकार के प्रमुख से बातचीत

Bangladesh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नई अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस से फोन पर बात की। इस बातचीत की जानकारी खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से दी। प्रधानमंत्री ने मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बांग्लादेश के लोकतांत्रिक, स्थिरता, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील होने के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का आश्वासन भी दिया।

हिंसा पर प्रधानमंत्री की पूर्व टिप्पणियाँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक सप्ताह में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा का मुद्दा दो बार उठाया है। पहले 8 अगस्त को, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के कार्यभार संभालने के बाद, पीएम मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं दी थीं और हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी।

स्वतंत्रता दिवस पर चिंता

दूसरी बार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्रचीर से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भारत के 140 करोड़ लोगों को बांग्लादेश के हिंदुओं की चिंता है और उन्हें उम्मीद है कि वहां के हालात जल्द सामान्य होंगे। पीएम मोदी ने हिंसा की निंदा करते हुए शांति और स्थिरता की दिशा में काम करने की अपील की।

बांग्लादेश में हिंसा की बढ़ती घटनाएँ

शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएँ बढ़ गई हैं। बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस का दावा है कि 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से बांग्लादेश के 48 जिलों में 278 स्थानों पर अल्पसंख्यक समुदाय को हमलों और धमकियों का सामना करना पड़ा है। इस प्रकार की हिंसा ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

भारत की प्रतिक्रिया और समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियाँ और बांग्लादेश के प्रति भारत का समर्थन इस बात को दर्शाते हैं कि भारत बांग्लादेश में शांतिपूर्ण और स्थिर वातावरण की आकांक्षा रखता है। भारत ने बांग्लादेश की नई सरकार को अपनी पूरी सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया है, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संदर्भ में। इस समर्थन से यह संकेत मिलता है कि भारत बांग्लादेश के साथ एक मजबूत और सकारात्मक रिश्ते की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश के नई अंतरिम सरकार के प्रमुख से की गई बातचीत और उनकी टिप्पणियाँ बांग्लादेश में चल रही हिंसा की चिंता को दर्शाती हैं। भारत की ओर से लगातार समर्थन और सुरक्षा की आश्वासन बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा का संबल प्रदान करती है। इस प्रकार की विदेश नीति की सक्रियता और मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में सहायक होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *