BCCI:भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रॉजर बिन्नी को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। इस पत्र में डॉ. गोयल ने बीसीसीआई से अपील की है कि आईपीएल और अन्य क्रिकेट टूर्नामेंट्स के दौरान शराब और धूम्रपान के विज्ञापनों का प्रसार नहीं होना चाहिए।डॉ. गोयल ने पत्र में उल्लेख किया है कि खिलाड़ी, विशेष रूप से क्रिकेटर, देश की युवा आबादी के लिए रोल मॉडल होते हैं। इसलिए, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को प्रमोट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि अक्सर खेल जगत के सितारे सिगरेट, बीड़ी, या पान मसाला जैसे उत्पादों का विज्ञापन करते हुए दिखाई देते हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने बीसीसीआई और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से आग्रह किया है कि खिलाड़ियों से तत्काल शपथ पत्र लिया जाए जिसमें वे शराब और धूम्रपान के विज्ञापनों से दूर रहने की पुष्टि करें। इस कदम के जरिए, सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना है।
बीसीसीआई खिलाड़ी से एक शपथ पत्र ले सकती है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रॉजर बिन्नी से स्वास्थ्य महानिदेशक ने देश की आबादी को स्वस्थ रखने के संकल्प में सरकार का सहयोग देने के लिए कहा है। उन्होंने अपील की है कि आईपीएल या अन्य क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान इस तरह के विज्ञापनों का प्रसार नहीं होना चाहिए। साथ ही खिलाड़ियों को इन विज्ञापनों से दूर करने के लिए तत्काल उपायों पर गौर करना चाहिए। डॉ. गोयल ने सुझाव दिया है कि बीसीसीआई खिलाड़ी से एक शपथ पत्र ले सकती है, जिसमें वह इन विज्ञापनों से खुद अलग रखने का वादा करेंगे। इसी तरह का एक पत्र भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के महानिदेशक संदीप प्रधान को लिखा गया है।
चर्चित खिलाड़ी व फिल्म स्टार ऐसे विज्ञापनों में आते हैं नजर
दरअसल, देश के चर्चित खिलाड़ी और फिल्म स्टार अक्सर विभिन्न माध्यमों में तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन करते दिखाई देते हैं। इनमें भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव से लेकर वीरेंद्र सहवाग, सुनील गावस्कर और फिल्म अभिनेता अजय देवगन, अक्षय कुमार, शाहरुख खान तक शामिल हैं। इन विज्ञापनों को लेकर अक्सर ये हस्तियां सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई हैं। यह बात अलग है कि कानून बनने के लंबे समय बाद सरकार ने अब इन खिलाड़ियों को नियमों के दायरे में लाने का फैसला लिया है।
