Farooq Abdullah: नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार के विधानसभा चुनाव में उनके बेटे उमर अब्दुल्ला नहीं लड़ेंगे। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह खुद चुनाव लड़ेंगे और जब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिल जाएगा, तो वह अपनी सीट छोड़ देंगे, ताकि उमर अब्दुल्ला उस सीट से चुनाव लड़ सकें। यह घोषणा पार्टी की रणनीति और आगामी चुनाव के प्रति उनके दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है।
चुनाव आयोग की घोषणा पर फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग द्वारा जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा पर फारूक अब्दुल्ला ने खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे एक ‘मुबारक दिन’ बताया और उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग सभी पार्टियों को समान अवसर प्रदान करेगा। फारूक ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में कुछ अधिकारियों के तबादले से यह स्पष्ट होता है कि चुनाव की तैयारी पहले से चल रही थी। उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वे यह भी जांचें कि इन अधिकारियों को क्यों बदला गया।
जल्द चुनाव होने पर फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी
फारूक अब्दुल्ला ने जल्द चुनाव होने को एक सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह पता चलेगा कि कौन तैयार है और कौन नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी चुनावी उम्मीदवारों की लिस्ट जल्द ही घोषित करेगी और जम्मू के लोगों से पूछने की बात की कि धारा 370 के हटने के बाद उन्हें क्या नुकसान हुआ। फारूक ने जोर देकर कहा कि एनसी केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की नहीं, बल्कि अन्य सभी पार्टियों की भी यह मांग है और यह भारत सरकार का वादा भी है।
महिलाओं के अधिकारों पर फारूक अब्दुल्ला का बयान
फारूक अब्दुल्ला ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के पक्ष में रही है। उन्होंने संसद में भी महिलाओं के लिए लड़ाई लड़ी है और इस लड़ाई को जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन वास्तविकता में कुछ नहीं करती।
चुनाव की तारीखों की घोषणा
चुनाव आयोग ने 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। चुनाव तीन चरणों में होंगे—पहला चरण 18 सितंबर, दूसरा चरण 25 सितंबर और तीसरा चरण 1 अक्टूबर को होगा। चुनाव परिणाम 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों के लिए होंगे, जिसमें 74 सामान्य, 9 अनुसूचित जाति (एससी) और 7 अनुसूचित जनजाति (एसटी) सीटें शामिल हैं।
