Haryana: हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने हाल ही में बिजली आपूर्ति संहिता में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनसे बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। इन सुधारों का उद्देश्य समयसीमा का पालन सुनिश्चित करना और बिलिंग प्रणाली को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है।
बिजली कनेक्शन की नई समयसीमा
एचईआरसी के नए नियमों के अनुसार, महानगरीय क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अब पूर्ण आवेदन जमा करने के तीन दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन मिल जाएगा। नगर निगम क्षेत्रों में यह समयसीमा सात दिन है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 15 दिन निर्धारित की गई है। ये बदलाव प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाते हैं और राज्य भर में उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं।
वोल्टेज स्तर के आधार पर समयसीमा का निर्धारण
नए मानदंडों के तहत, अगर नया कनेक्शन जारी करने या मौजूदा कनेक्शन में संशोधन के लिए वितरण नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता होती है, तो एचईआरसी ने वोल्टेज स्तर के आधार पर स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है। कम वोल्टेज (एलटी) नेटवर्क पर कनेक्शन के लिए, मांग नोटिस के अनुपालन के बाद 20 दिनों के भीतर आपूर्ति शुरू की जानी चाहिए। वहीं, 33 केवी से ऊपर के ट्रांसमिशन सिस्टम पर कनेक्शन के लिए समयसीमा 142 दिनों तक बढ़ाई गई है।
बिलिंग में पारदर्शिता और विकल्प
नए नियमों के अनुसार, उपभोक्ताओं के पास अब अपनी पसंद के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी में बिल प्राप्त करने का विकल्प होगा। यह पहल बिलिंग को और अधिक सुलभ और समझने योग्य बनाएगी, विशेषकर उन लोगों के लिए जो मौजूदा प्रणाली में भाषा संबंधी बाधाओं का सामना कर सकते हैं।
समय पर सेवा और तकनीकी व्यवहार्यता
एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने बताया कि नए नियमों का मुख्य उद्देश्य तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करके मांग नोटिस को तुरंत जारी करना है। यह कदम प्रक्रिया को अनावश्यक देरी के बिना सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इन सुधारों से हरियाणा में बिजली वितरण प्रणाली को अधिक कुशल और उत्तरदायी बनाया जाएगा। एचईआरसी के अनुसार, ये नियम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और समय पर सेवा प्रदान करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
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