डेरा जगमालवाली उत्तराधिकार विवाद: सिरसा में तनाव, इंटरनेट सेवाएं बंद

Internet: डेरा जगमालवाली उत्तराधिकार विवाद: सिरसा में तनाव, इंटरनेट बंद

Internet: सिरसा, हरियाणा – डेरा जगमालवाली के प्रमुख बहादुर चंद वकील के निधन के बाद उत्तराधिकार विवाद ने सिरसा में तनाव बढ़ा दिया है। इस स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सिरसा जिला प्रशासन ने एक दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। वकील का निधन 1 अगस्त को हुआ था और उनके भोग समारोह से पहले ही इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।

वकील के उत्तराधिकारी का चयन:

वकील के उत्तराधिकारी के चयन के लिए समारोह भी गुरुवार को आयोजित होने की उम्मीद है। डेरा के अनुयायियों के बीच उत्तराधिकार को लेकर दो गुटों में संघर्ष की स्थिति है। एक गुट का नेतृत्व वीरेंद्र सिंह कर रहे हैं जबकि दूसरा गुट पूर्व डेरा प्रमुख के भतीजे अमर सिंह के पक्ष में है। वकील के निधन के बाद, सूफी गायक बीरेंद्र ने खुद को अगला डेरा प्रमुख घोषित किया था, लेकिन अमर सिंह ने वकील की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

पुलिस बल की तैनाती:

इलाके में शांति बनाए रखने के लिए डेरा और सिरसा तथा फतेहाबाद के अन्य हिस्सों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के बावजूद अनुयायियों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमर सिंह ने वकील की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है, जबकि बीरेंद्र ने कहा है कि जब तक वकील की मौत की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह डेरा प्रमुख का पद नहीं संभालेंगे।

वकील की मृत्यु के कारण:

वकील के स्वास्थ्य का इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल, एम्स और मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा था। डॉक्टरों के अनुसार, वकील को मूत्र और पित्ताशय में कैंसर था, जो बढ़ गया था और अंततः 1 अगस्त को उनका निधन हो गया। डॉक्टर संदीप गुलेरिया और डॉ. अतुल शर्मा ने पुष्टि की कि वकील को 2010 से चिकित्सा उपचार मिल रहा था और 2022 से उनका स्वास्थ्य गिरना शुरू हो गया था।

भोग समारोह की तैयारियां:

वकील के लिए अंतिम अरदास (मृतक के लिए अंतिम प्रार्थना) की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वकील के बेटे चांद सिंह ने अनुयायियों से भोग समारोह में शामिल होने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि जब तक वकील की मौत की जांच नहीं हो जाती, तब तक कोई भी उनका उत्तराधिकारी नहीं होगा।

निष्कर्ष:

सिरसा में डेरा जगमालवाली के उत्तराधिकार विवाद ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन की सतर्कता और इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के बावजूद अनुयायियों के बीच अशांति का माहौल है। वकील की मौत की जांच और उत्तराधिकार के चयन को लेकर स्थिति और भी जटिल हो गई है। अनुयायियों और स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान निकलेगा और डेरा जगमालवाली में शांति बहाल होगी।

Internet:

हरियाणा राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा की संभावित निर्विरोध जीत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *