दिल्ली में आईएएस कोचिंग सेंटर त्रासदी: अग्निशमन विभाग ने एनओसी रद्द की प्रक्रिया शुरू की, एलजी ने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया

Delhi: कोचिंग सेंटर त्रासदी: एनओसी रद्द, एलजी का दौरा

Delhi: दिल्ली अग्निशमन विभाग ने हाल ही में राऊ के आईएएस स्टडी सर्किल को जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह फैसला उस दुखद घटना के बाद लिया गया है, जिसमें तीन छात्र बाढ़ के कारण बेसमेंट में डूब गए थे। बेसमेंट का प्रयोग लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा था, जबकि प्रमाण पत्र में इसे केवल भंडारण के लिए उपयोग करने की अनुमति थी।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में विरोध स्थल का दौरा किया, जहां अभ्यर्थी न्याय और मुआवजे की मांग कर रहे थे। एलजी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने वादा किया कि कोई भी दोषी नहीं बख्शा जाएगा और न्याय जरूर होगा।

Delhi: राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद

आप मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्य सचिव नरेश कुमार और अन्य आईएएस अधिकारियों पर गाद निकालने और जलभराव पर बुलाई गई बैठक में शामिल न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही भाजपा और आप के बीच बढ़ते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में कोचिंग सेंटरों के नियमन पर दिशा-निर्देश जारी करने की बात की, लेकिन त्रासदी पर सीधा जवाब देने से बचते रहे।

Delhi: एमसीडी में विरोध प्रदर्शन

भाजपा पार्षदों ने एमसीडी सदन में कोचिंग सेंटर में हुई मौतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन को स्थगित करना पड़ा। ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

प्रशासनिक कार्रवाई

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे के बाद एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया है और एक सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई करोल बाग जोन के मेंटेनेंस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ की गई है।

उपराज्यपाल का पत्र

दिल्ली के उपराज्यपाल ने गाद निकालने और बाढ़ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन उनका कहना है कि कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उपराज्यपाल सचिवालय ने इस आपराधिक लापरवाही को गृह मंत्रालय के ध्यान में भी लाया है।

निष्कर्ष

दिल्ली में हाल की इस त्रासदी ने प्रशासन और राजनीतिक महकमों के बीच खींचतान को उजागर कर दिया है। छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा और नियमन पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए।

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