योग गुरु बाबा रामदेव ने हरिद्वार में सनातन धर्म, जाति व्यवस्था और सामाजिक भेदभाव को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र मूल रूप से गुणों और कार्यों से जुड़े वर्गीकरण थे। रामदेव ने आरोप लगाया कि बाद में जाति के नाम पर भेदभाव की दीवारें खड़ी की गईं।