इतिहासकार रोमिला थापर ने भारतीय इतिहास की औपनिवेशिक व्याख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्रिटिश इतिहासकारों ने भारत के अतीत को हिंदू-मुस्लिम संघर्ष के नजरिए से पेश किया। उन्होंने जेम्स मिल की इतिहास लेखन पद्धति की आलोचना की और पुरातत्व, आनुवंशिकी तथा ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर अतीत को समझने पर जोर दिया।
