अयोध्या दीपोत्सव 2026: 56 घाटों पर सजाए गए 30 लाख दीये
रामनगरी को दीपोत्सव के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया है। राम की पैड़ी और सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीयों की सजावट पूरी हो चुकी है। अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने लगातार तीन दिन मेहनत करके शुक्रवार को यह काम पूरा किया। अब शनिवार सुबह से दीयों में तेल और बाती डालने की तैयारी है। इसके लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने घाटों का निरीक्षण करने के बाद स्वयंसेवकों की मेहनत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को समय पर पूरा करना आसान नहीं था, लेकिन सभी ने अनुशासन और लगन के साथ जिम्मेदारी निभाई।
पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचेंगे प्रभु श्रीराम, होगा भव्य राजतिलक
इस बार दीपोत्सव में त्रेतायुग की रामकथा को भी जीवंत किया जाएगा। शनिवार दोपहर पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या पहुंचेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रियों व संतों के साथ उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद भरत मिलाप का प्रसंग होगा और पुष्पवर्षा के बीच प्रभु श्रीराम रामकथा पार्क पहुंचेंगे।
यहां भव्य राम दरबार सजाया गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राजतिलक करेंगे। मान्यता के अनुसार, त्रेतायुग में महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम का पहला राजतिलक किया था। दीपोत्सव में इसी प्रसंग को दोबारा प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पहले सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से रामराज्याभिषेक शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें रथ, घुड़सवार, सैनिकों की टुकड़ियां और रामायण के कई प्रसंग देखने को मिलेंगे।
राम मंदिर परिसर में भी जलेंगे एक लाख दीप
दीपोत्सव की रौनक सिर्फ सरयू घाटों तक सीमित नहीं रहेगी। राम जन्मभूमि परिसर में भी एक लाख दीये जलाए जाएंगे। इसके लिए मंदिर परिसर को पांच सेक्टर में बांटा गया है और करीब 1500 मंदिर कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने शुक्रवार को तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि राम मंदिर सहित परिसर के सभी 18 मंदिरों में दीप जलाए जाएंगे। मंदिर को विशेष फसाड लाइट से सजाया जाएगा और रामलला को विशेष भोग भी लगाया जाएगा। दीपोत्सव के बाद दीपावली यानी रविवार को भी मंदिर परिसर में दीप जलाए जाएंगे।
दीपोत्सव में दिखेगी नई अयोध्या की झलक, 2100 ड्रोन करेंगे शो
इस साल दीपोत्सव की थीम ‘नव भारत की नई अयोध्या’ रखी गई है। धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए जा रहे हैं, जिनके जरिए रामायण के प्रसंग और आकर्षक डिजिटल लाइट शो दिखाए जाएंगे। इसके अलावा रामकथा पार्क, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर और सरयू ब्रिज को भी खास रोशनी से सजाया गया है।
कार्यक्रम में 2500 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। शहर के 17 मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। राम की पैड़ी पर लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं सरयू तट पर ग्रीन आतिशबाजी के साथ 2100 ड्रोन का शानदार शो होगा। इस दौरान 2147 श्रद्धालु एक साथ सरयू आरती करेंगे। रामकथा पार्क में तीन देशों की रामलीला का मंचन भी किया जाएगा।
देश-विदेश से अयोध्या पहुंच रहे पर्यटक, दीपों की सजावट बनी आकर्षण
अयोध्या के घाटों पर दीयों से बनाई गई अलग-अलग कलाकृतियां और रंगोली लोगों का ध्यान खींच रही हैं। इन्हें देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। अर्जेंटीना से आई कैरोलिना ने बताया कि उन्होंने पहली बार ऐसा अद्भुत नजारा देखा है। उन्हें अयोध्या का माहौल बेहद अच्छा लग रहा है।
संतों का कहना है कि दीपोत्सव के जरिए अयोध्या अपने गौरवशाली इतिहास को फिर से जीवंत कर रही है। रामधुन, भजन और कीर्तन से पूरी रामनगरी का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
वीवीआईपी मेहमानों के लिए 80 गोल्फकार्ट और 20 एसी बसों की व्यवस्था
दीपोत्सव में शामिल होने वाले वीवीआईपी मेहमानों की सुविधा के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। एयरपोर्ट, होटल और आयोजन स्थलों तक पहुंचाने के लिए 80 गोल्फकार्ट, 10 ट्रैवलर और रोडवेज की 20 एसी बसें लगाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मेहमानों के पहुंचने के साथ ही परिवहन व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
दीपोत्सव में सुरक्षा और आग से बचाव के लिए खास निर्देश
लाखों दीयों को जलाने के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। उन्हें सूती कपड़े पहनने और सिंथेटिक व ढीले कपड़ों से बचने की सलाह दी गई है। लंबे बालों को बांधकर रखने और दीयों में तेल डालते समय आसपास तेल नहीं फैलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा जलते दीयों के पास ज्वलनशील सामान नहीं रखने और भीड़ में धक्का-मुक्की से बचने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि दीपोत्सव का यह भव्य आयोजन सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
