Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या दीपोत्सव पर ट्रैफिक पुलिस का बड़ा प्लान, 6 नवंबर की रात से लागू होगा रूट डायवर्जन; इन रास्तों से गुजरेंगे वाहन

Ayodhya Deepotsav 2026:  उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सजने लगी है। इस बार यहां दसवां दीपोत्सव मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते सड़कों पर जाम की स्थिति न बने और लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। खासतौर पर बस्ती-अयोध्या फोरलेन मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।

बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर 6 नवंबर की रात से लागू होगा रूट डायवर्जन

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, बस्ती-अयोध्या फोरलेन मार्ग यानी नेशनल हाईवे-27 पर 6 नवंबर की रात 12 बजे से डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 7 नवंबर को दीपोत्सव कार्यक्रम के समापन तक जारी रहेगी।

सीओ ट्रैफिक कुलदीप सिंह यादव ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने-जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से ही वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की गई है। खासकर भारी वाहनों को अयोध्या की तरफ जाने से रोकने और उन्हें दूसरे मार्गों से निकालने की योजना बनाई गई है।

अयोध्या ट्रैफिक डायवर्जन: इन रास्तों से गुजरेंगे भारी वाहन

डायवर्जन प्लान के तहत गोरखपुर और बस्ती से लखनऊ की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को अब सामान्य रास्ते से नहीं जाने दिया जाएगा। इन वाहनों को बस्ती के कलवाही और टांडा मार्ग की तरफ मोड़कर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।

इसके अलावा बस्ती फुटहिया और पटेल चौराहे से भी वाहनों को उनके गंतव्य के हिसाब से वैकल्पिक रास्तों पर रवाना किया जाएगा। वहीं, लोलपुर से नवाबगंज और गोंडा होते हुए वाहनों को लखनऊ की तरफ भेजने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का मकसद साफ है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की तरफ जाने वाले रास्तों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूसरे जिलों से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।

अयोध्या के दसवें दीपोत्सव में जलेंगे 30 लाख दीये

इस बार अयोध्या का दीपोत्सव कई मायनों में खास होने वाला है। दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए सरयू तट पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए घाटों से लेकर शहर के प्रमुख स्थानों तक तैयारियां की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद दीपोत्सव की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

होटल और होम स्टे की एडवांस बुकिंग तेज

दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर होटल कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के कई होटल और होम स्टे पहले से ही बुक हो रहे हैं। कमरों की बुकिंग तेजी से चल रही है और कई जगहों पर फुल बुकिंग की स्थिति बन रही है।

ऐसे में अगर आप भी 6 या 7 नवंबर को दीपोत्सव देखने अयोध्या जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी जरूर ले लें। खासकर बस्ती, गोरखपुर और लखनऊ की तरफ से आने-जाने वाले वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। इससे यात्रा आसान रहेगी और दीपोत्सव के दौरान लगने वाले जाम से भी बचा जा सकेगा।

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