UP Outsourcing Employees Salary Hike: दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा तोहफा, आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी डेढ़ गुना तक बढ़ी; खाते में आएगा एरियर

UP Outsourcing Employees Salary Hike: उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों के तहत आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार ने दिवाली से पहले उनके मानदेय को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब अलग-अलग श्रेणियों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम कितना पैसा मिलेगा, इसकी दरें तय कर दी गई हैं।

सोमवार शाम सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2.72 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत श्रेणी एक को छोड़कर बाकी श्रेणियों के कर्मचारियों के पारिश्रमिक में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी की जाएगी।

2 सितंबर 2026 से लागू होंगी नई दरें

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए तय किया गया नया न्यूनतम मानदेय 2 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई दरों का लाभ सितंबर महीने से ही मिलेगा।

नवंबर में अक्टूबर महीने का पारिश्रमिक मिलने के साथ कर्मचारियों को सितंबर का एरियर भी दिया जाएगा। यानी जिन कर्मचारियों को सितंबर और अक्टूबर में नई दरों के हिसाब से भुगतान नहीं मिला है, उन्हें बकाया राशि भी मिलेगी।

आदेश में यह भी साफ कर दिया गया है कि अगर किसी कर्मचारी को पहले से तय न्यूनतम मानदेय से ज्यादा वेतन मिल रहा है, तो उसका पैसा कम नहीं किया जाएगा। सभी श्रेणियों के कर्मचारियों पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान भी सरकार खुद करेगी।

किस श्रेणी को कितना मिलेगा मानदेय?

सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर उनका मासिक पारिश्रमिक तय किया है।

श्रेणी एक: इस श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने 39,000 रुपये मानदेय मिलेगा। इसमें ईपीएफ और ईएसआई की कटौती नहीं होगी। इसके अलावा 1,501 रुपये सर्विस चार्ज और 390 रुपये यूपीकॉस सेंटेज का भुगतान नियोक्ता करेगा।

श्रेणी दो: इन कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक 21,947 रुपये तय किया गया है। कटौती के बाद इनके हाथ में 19,148.76 रुपये आएंगे। ईपीएफ के लिए 2,633.64 रुपये और ईएसआई के लिए 160.60 रुपये कटेंगे। सरकार भी इनके ईपीएफ खाते में 2,633.64 रुपये और ईएसआई खाते में 713.28 रुपये जमा करेगी।

श्रेणी तीन: इस श्रेणी के कर्मचारियों का मासिक मानदेय 19,446 रुपये निर्धारित किया गया है। कटौती के बाद उन्हें 16,966.64 रुपये मिलेंगे। इनके ईपीएफ में 2,333.22 रुपये और ईएसआई में 145.85 रुपये की कटौती होगी। सरकार की ओर से भी ईपीएफ और ईएसआई में अलग से योगदान दिया जाएगा।

श्रेणी चार: इस श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने 17,646 रुपये मिलेंगे। कटौती के बाद उनके हाथ में 15,396.14 रुपये आएंगे। ईपीएफ के लिए 2,117.52 रुपये और ईएसआई के लिए 132.35 रुपये काटे जाएंगे। सरकार भी इनके ईपीएफ और ईएसआई खातों में निर्धारित राशि जमा करेगी।

सर्विस चार्ज अधिकतम 7 प्रतिशत होगा

सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान के साथ सर्विस चार्ज और यूपीकॉस सेंटेज को लेकर भी नियम तय किए हैं। सचिवालय प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, सर्विस चार्ज अधिकतम 7 प्रतिशत तक ही लिया जा सकेगा।

वहीं, यूपीकॉस का सेंटेज 1 प्रतिशत की दर से तय किया गया है। भविष्य में जरूरत के हिसाब से इसकी दरों में बदलाव भी किया जा सकेगा।

योगी सरकार के फैसले से कर्मचारियों को मिलेगी राहत

लंबे समय से मानदेय बढ़ाने और न्यूनतम भुगतान तय करने की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। नई दरें लागू होने से लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। खास बात यह है कि सरकार ने जीएसटी का बोझ भी अपने ऊपर लेने का फैसला किया है।

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