Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 5 याचिकाओं का निपटारा; अब ट्रायल कोर्ट करेगा सुनवाई

Ram Mandir Donation Case: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी से जुड़ी पांच याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके बाद कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो मुकदमे के दौरान शिकायतकर्ता के तौर पर अदालत की मदद कर सकते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पूरी

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए दान की रकम में कथित चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार, 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी पांच याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उनका निपटारा कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दी गई जानकारी के बाद लिया।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब ट्रायल कोर्ट मामले को आगे बढ़ाए और कानून के हिसाब से जरूरी कार्रवाई करे।

चढ़ावा चोरी मामले में याचिकाकर्ताओं को भी मिला अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने इस मामले में याचिकाएं दाखिल की थीं, वे चाहें तो ट्रायल के दौरान शिकायतकर्ता के रूप में अदालत की मदद कर सकते हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि उसने मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई या उनके गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यानी आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला ट्रायल कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी की जांच के लिए कैसे बनी नई SIT?

इस मामले की जांच को लेकर 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 27 जुलाई को राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि आदेश का पालन करते हुए नई टीम बना दी गई है।

इस विशेष जांच टीम की कमान लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस को सौंपी गई। टीम में एक डीआईजी और एक एसएसपी को भी शामिल किया गया, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से की जा सके।

105 घटनाओं में 8 लोगों के खिलाफ मिले सबूत

21 सितंबर को एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी। जांच टीम ने बताया था कि राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की चोरी से जुड़ी कुल 105 घटनाओं की जानकारी सामने आई है। इन मामलों की जांच के दौरान आठ लोगों के खिलाफ सबूत मिलने की बात भी कही गई थी।

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेजों का जिक्र किया था। तीन जजों की बेंच ने रिपोर्ट देखने के बाद एसआईटी को आरोप पत्र दाखिल करने की अनुमति दे दी थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पांच याचिकाओं में क्या मांग की गई थी?

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर कुल पांच याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन्हें वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय, आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, हिंदू धर्म परिषद और अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दायर किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने, विशेष एसआईटी गठित करने और मंदिर के दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की थी। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट का फोरेंसिक ऑडिट कराने और श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान का पूरा ब्योरा मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई थी।

राम मंदिर ट्रस्ट में भी हुए बड़े बदलाव

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में भी कुछ बड़े बदलाव किए गए।

ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ का पद बनाया और इस जिम्मेदारी के लिए वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र को नियुक्त किया। वहीं, 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

अब सुप्रीम कोर्ट से याचिकाओं का निपटारा होने के बाद इस मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में होगी। यहां गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपों पर फैसला लिया जाएगा।

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