PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं का मकसद इलाके में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है। इनसे स्थानीय लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
सीवेज प्लांट से लेकर नर्मदा घाट तक होगा विकास
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं में सीवेज और जल शोधन संयंत्र, फसाड लाइटिंग और नर्मदा घाट का उन्नयन शामिल है। इसके अलावा IRCTC होटल तथा रेनफॉरेस्ट, यूनिटी और इको ट्रेल जैसी पर्यटन सुविधाओं से जुड़े काम भी किए गए। इन पहलों का उद्देश्य एकता नगर को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
जीरो वेस्ट परियोजना और इको टूरिज्म पर जोर
पीएम मोदी ने गोरा-भद्रा सड़क विकास और एकीकृत जीरो वेस्ट स्मार्ट ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना की आधारशिला भी रखी। इसके साथ खलवानी इको टूरिज्म विकास और कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास से जुड़े कामों की भी शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि
विकास परियोजनाओं से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री सुबह स्मारक पहुंचे और देश के लौह पुरुष को नमन किया। हर साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है।
राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण में पटेल का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक मजबूत, समृद्ध और सक्षम भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने देश की एकता और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए पटेल के प्रयासों को याद किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश के प्रति उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आज भी प्रेरणा देता है।
560 से अधिक रियासतों के विलय में निभाई अहम भूमिका
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। आजादी के बाद वे भारत के पहले गृह मंत्री बने। उन्हें 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने का श्रेय दिया जाता है। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था।
राष्ट्रीय एकता दिवस का क्या है उद्देश्य?
केंद्र सरकार वर्ष 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। इस अवसर पर सरदार पटेल के योगदान को याद करने के साथ राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी दिया जाता है।
