चुनावी गणित में विपक्ष मजबूत, लेकिन सरकार बनाने पर पेच
मतदान के बाद सामने आए शुरुआती आंकड़ों को लेकर मध्य-वामपंथी डेमोक्रेट्स के नेता यायर गोलान ने नेतन्याहू की हार का दावा किया था। विपक्षी खेमे में यह चर्चा तेज हुई कि यदि अलग-अलग दल एकजुट हों, तो वे नेतन्याहू के गठबंधन को सत्ता से बाहर रखने की स्थिति में आ सकते हैं।
हालांकि, किसी भी संसदीय व्यवस्था में सीटों का गणित और सरकार बनाने की वास्तविक क्षमता अलग-अलग पहलू होते हैं। इजराइल में भी विपक्षी दलों के बीच वैचारिक मतभेद, गठबंधन की शर्तें और फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों के साथ सहयोग का सवाल सत्ता गठन के लिए अहम बन गया।
फिलिस्तीनी नागरिकों की भूमिका क्यों अहम?
इजराइल की आबादी में फिलिस्तीनी मूल के अरब नागरिकों की बड़ी हिस्सेदारी है। उनके प्रतिनिधित्व वाले राजनीतिक दल कई मौकों पर सरकार गठन के समीकरणों को प्रभावित कर चुके हैं। चुनाव के दौरान अपराध, भेदभाव, घरों को गिराए जाने और गाजा तथा वेस्ट बैंक में जारी संघर्ष जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।
राअम (Ra’am) और जॉइंट लिस्ट जैसे राजनीतिक समूहों के साथ सहयोग को लेकर विपक्ष में अलग-अलग राय सामने आई। कुछ नेताओं ने नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए यहूदी-अरब साझेदारी की वकालत की। उनके मुताबिक, राजनीतिक बदलाव के लिए अलग-अलग समुदायों के प्रतिनिधियों के बीच सहयोग जरूरी है।
विपक्षी दलों के सामने वैचारिक चुनौती
विपक्ष की मुश्किल यह रही कि कई मुख्यधारा के यहूदी दल फिलिस्तीनी नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ सरकार बनाने को लेकर सहज नहीं थे। नेतन्याहू के खिलाफ एकजुटता की इच्छा के बावजूद गठबंधन की संभावनाओं पर वैचारिक मतभेद हावी होते दिखाई दिए।
पूर्व जनरल गादी आइसेनकोट समेत विपक्ष के प्रमुख नेताओं के रुख और गठबंधन संबंधी शर्तों ने भी इस बहस को प्रभावित किया। विपक्ष के भीतर यह सवाल बना रहा कि क्या नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के लिए पारंपरिक राजनीतिक सीमाओं को बदला जा सकता है।
नेतन्याहू के लिए कैसे खुल सकता है सत्ता का रास्ता?
विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की कमी नेतन्याहू के लिए राजनीतिक अवसर पैदा कर सकती है। यदि विपक्षी पार्टियां साझा सरकार बनाने के लिए जरूरी सहमति नहीं बना पाती हैं, तो संख्यात्मक बढ़त के बावजूद उनके लिए सत्ता हासिल करना कठिन हो सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र केवल सीटों का गणित नहीं, बल्कि यह भी है कि इजराइल की राजनीति में फिलिस्तीनी नागरिकों के प्रतिनिधियों को किस हद तक सत्ता साझेदारी में शामिल किया जाता है। सरकार गठन की दिशा इसी राजनीतिक सहमति, गठबंधन की शर्तों और संसदीय समर्थन पर निर्भर करेगी।
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संपादकीय नोट: प्रकाशन से पहले चुनाव की तारीख, अंतिम आधिकारिक नतीजों, सीटों के आंकड़ों और संबंधित नेताओं के बयानों की पुष्टि कर लें। दिए गए मूल लेख में इन तथ्यों का स्वतंत्र सत्यापन शामिल नहीं है।
