अमृतसर से खरीदी गई थी पिस्टल, 20 राउंड गोलियां भी लाई गईं
मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्य अनिल पंडित के निर्देश पर हथियारों का इंतजाम किया था। जांच में सामने आया है कि कुणाल, सुमित और जतिन नाम के आरोपी पैसे लेकर अमृतसर पहुंचे थे। वहां उन्होंने एक अज्ञात जगह से जिगाना पिस्टल और 20 राउंड गोलियां हासिल की थीं।
सूत्रों के मुताबिक, हथियार खरीदने के लिए 2.50 लाख रुपये दिए गए थे। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आरोपियों को पिस्टल और गोलियां किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थीं। पुलिस इस शख्स की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
पैसे रखकर हथियार लेकर लौटे आरोपी
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने अमृतसर में जिस अज्ञात स्थान से हथियार और गोलियां ली थीं, उसी जगह पर खरीद के लिए लाए गए पैसे रख दिए थे। इस तरीके से हुए कथित सौदे के कारण हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए अहम हो गया है।
क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का हथियार मुहैया कराने वाले शख्स से संपर्क कैसे हुआ। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हथियारों की खरीद और मुंबई तक उनकी आपूर्ति में अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
हथियारों की सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियां अब हथियारों की खरीद, सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ रही हैं। जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि जिगाना पिस्टल कहां से हासिल की गई और उसे आरोपियों तक पहुंचाने में किसकी भूमिका थी।
फिलहाल, हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है टाइगर श्रॉफ फायरिंग का मामला?
बताया गया है कि 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर उस समय फायरिंग की गई थी, जब वह फुटबॉल खेलकर अपनी गाड़ी से घर लौट रहे थे। आरोप है कि तीन लोगों ने उनकी कार को निशाना बनाया था। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे और उन्हें गोली नहीं लगी।
इस मामले में मुंबई पुलिस ने अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस फायरिंग के पीछे की वजह, कथित साजिश और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
