PMModi: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने मोदी सरकार की बहुपक्षवाद नीति और वैश्विक मामलों में भारत के योगदान की जमकर तारीफ की है। फ्रांसिस ने भारत को एक प्रमुख लोकतंत्र के रूप में स्वीकार किया और कहा कि भारत बहुपक्षवाद का प्रतिबद्ध समर्थक है।
भारत का वैश्विक योगदान
डेनिस फ्रांसिस ने कहा कि 1.4 अरब की आबादी वाले लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत का भविष्य उज्ज्वल है और यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारत की मजबूत राजनीतिक और आर्थिक नीति ने इसे वैश्विक नेतृत्व में अग्रणी बनाया है।
बहुपक्षवाद का समर्थन
फ्रांसिस ने कहा कि भारत ने हमेशा से बहुपक्षवाद का समर्थन किया है, जिसमें सभी देशों को समान रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने भारत के वैश्विक मंच पर लगातार मजबूत उपस्थिति और संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न अभियानों में इसके योगदान की सराहना की।
भारत का उज्ज्वल भविष्य
डेनिस फ्रांसिस ने यह भी कहा कि भारत का संयुक्त राष्ट्र में प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है और भविष्य में इसे और अधिक अहम भूमिकाएं निभाने के अवसर मिलेंगे। भारत की बहुपक्षवाद के प्रति प्रतिबद्धता और विश्व शांति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी इसकी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करती है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र में भारत की अग्रणी भूमिका को देखते हुए, फ्रांसिस ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि भारत संयुक्त राष्ट्र में एक प्रमुख देश है। भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख और उसके मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों ने उसे एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया है।
इस प्रशंसा से यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत की नीतियों और वैश्विक दृष्टिकोण को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता मिल रही है।
