Andhra Pradesh Weather: चक्रवात अर्नब का कहर! 150 की रफ्तार से हवाएं, ट्रेनें रद्द, अब किन इलाकों पर खतरा?

Andhra Pradesh Weather:  आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब का असर तेज हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बुधवार तड़के तूफान ने आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के केंद्र में हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे है, जो झोंकों के साथ 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अगले तीन घंटे तक जारी रह सकता है तूफान का लैंडफॉल

IMD के बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवात पिछले तीन घंटों में करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले तीन घंटों तक जारी रह सकती है। इसका प्रमुख प्रभाव बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिणी हिस्से में पड़ने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अलर्ट, 2,199 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार

चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू अधिकारियों से लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं। राज्य में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान की गई है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, 2,360 गर्भवती महिलाओं को पहले ही चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया जा चुका है।

काकीनाडा और विशाखापत्तनम में पेड़ गिरे, बिजली की लाइनें टूटीं

चक्रवात के असर से काकीनाडा में कई पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। विशाखापत्तनम में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पेड़ गिरने से बीच रोड और सीताम्मधारा के रास्ते बाधित हो गए। तटीय इलाकों में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

समुद्र में उठ सकती हैं 2.5 मीटर तक ऊंची लहरें

मौसम विभाग ने समुद्र में ऊंची लहरें उठने को लेकर चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि अगले चार से पांच घंटों के दौरान सामान्य ज्वार के स्तर से 1.5 से 2.5 मीटर तक ऊंची स्टॉर्म सर्ज उठ सकती हैं। इससे तटीय और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

चक्रवात के कारण कई ट्रेनें रद्द, यात्रियों को परेशानी

चक्रवात अर्नब को देखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे ने 11 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इनमें फलकनुमा एक्सप्रेस, नई विशाखा एक्सप्रेस, गोदावरी एक्सप्रेस और गरीबरथ एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। कुछ सेवाएं आंशिक रूप से रद्द की गई हैं। 29 अक्टूबर को हावड़ा से रवाना होने वाली फलकनुमा एक्सप्रेस भी रद्द कर दी गई है। दक्षिण तटीय रेलवे पहले ही 61 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा कर चुका है।

ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में तेज हवाओं की आशंका

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा में भी मौसम बिगड़ने का अनुमान है। गजपति, गंजाम, रायगडा, कोरापुट, नवरंगपुर और मलकानगिरी में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

ओडिशा में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

IMD ने कालाहांडी, कंधमाल, पुरी, खुर्दा, नयागढ़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सुंदरगढ़, संबलपुर, कटक, बालासोर और अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह चेतावनी 28 अक्टूबर से 29 अक्टूबर की रात 8:30 बजे तक प्रभावी रहेगी।

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