इजरायल में राष्ट्रीय चुनाव आज, नेतन्याहू के नेतृत्व की परीक्षा; बैलेट पर्चियों से छेड़छाड़ के आरोपों ने बढ़ाई चिंता

तेल अवीव: इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव हो रहे हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हो रहे इस संसदीय चुनाव को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। चुनाव के बीच बैलेट पर्चियों से कथित छेड़छाड़, उनके गायब होने और खराब होने की शिकायतों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, याशर पार्टी ने बैलेट पर्चियों से जुड़ी अनियमितताओं की शिकायत की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और चुनाव के नतीजों पर इनके संभावित असर को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

नेतन्याहू के लिए क्यों अहम है यह चुनाव?

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व के लिए यह चुनाव एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। ईरान के साथ संघर्ष, गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना और देश की भविष्य की रणनीति पर मतभेदों ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है।

विपक्षी खेमे में देश के पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले समूह समेत कई राजनीतिक ताकतें नेतन्याहू को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में चुनाव के परिणाम यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं कि देश की अगली सरकार किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

सुरक्षा से लेकर न्यायपालिका तक कई मुद्दे अहम

इजरायल में इस बार मतदाताओं के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना में भर्ती, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रमुख हैं।

ईरान के साथ संघर्ष और गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई के बीच मतदाता देश की सुरक्षा और भविष्य की नीतियों को लेकर अलग-अलग विचार रखते हैं। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के रुख का चुनावी परिणाम पर असर पड़ सकता है।

चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

चुनाव के दौरान बैलेट पर्चियों से छेड़छाड़, उनके गायब होने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों ने मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ाई है। याशर पार्टी की शिकायत के बाद इन आरोपों की जांच और चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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