Political Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। खरगे के बयान के बाद पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता दानिश अली ने भी पीएम मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने खरगे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वोट चोरी करने वालों के साथ-साथ उनसे जुड़े लोगों को भी जेल जाना पड़ेगा। दानिश अली के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
दानिश अली ने खरगे के बयान का समर्थन करते हुए क्या कहा?
कांग्रेस नेता दानिश अली ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बात को पूरे संदर्भ में समझने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश के लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं और संविधान को कमजोर करना चाहते हैं। दानिश अली ने कहा कि वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
‘नाजायज औलादें भी जेल जाएंगी’, दानिश अली के बयान पर विवाद
दानिश अली ने अपने बयान में कहा कि वह खरगे की बात से एक कदम आगे जाकर बोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने ‘नाजायज औलादें’ जैसे विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोपों और उनके समर्थन में दिए गए बयानों को संबंधित तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
पटना में खरगे ने पीएम मोदी के पिता को लेकर की थी टिप्पणी
इस पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पटना में दिए गए बयान से हुई। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता का जिक्र करते हुए विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए खरगे से माफी मांगने की मांग की। बयान को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
खरगे के बयान पर भाजपा का विरोध, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
भाजपा ने मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के खिलाफ 26 अक्टूबर को देशभर में पार्टी के प्रदेश कार्यालयों पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने कांग्रेस से इस मामले में स्पष्टीकरण देने और खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, दानिश अली के बयान ने इस विवाद को और हवा दे दी है। अब इस मामले में दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।
