मां निर्मला देवी को भगवान की तरह पूजते थे गोविंदा
इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने अपनी मां निर्मला देवी के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां क्लासिकल सिंगर होने के साथ-साथ एक्ट्रेस भी थीं। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां अकेले संभालीं और बच्चों की परवरिश की। गोविंदा ने कहा कि वह अपनी मां को बेहद सम्मान देते थे और उन्हें मां के साथ-साथ भगवान की तरह पूजते थे। बचपन में उन्होंने अपनी मां को मुश्किल परिस्थितियों से अकेले लड़ते हुए देखा था। मां का संघर्ष देखकर ही उनके मन में उनके लिए गहरी श्रद्धा पैदा हुई।
जब गोविंदा के परिवार का बंगला लूट लिया गया
गोविंदा ने अपने परिवार के मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी आया था, जब उनके बंगले का पूरा सामान लूट लिया गया था। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने जिंदगी में काफी संघर्ष किया। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बच्चों की परवरिश जारी रखी। गोविंदा के मुताबिक, उनकी मां ने चार बेटियों की शादी की और अपने बच्चों को पालने के लिए हर संभव कोशिश की। उनके जीवन का यह कठिन दौर आज भी गोविंदा को भावुक कर देता है।
मां ने सिर मुंडवाकर धारण किए साधु के वस्त्र
गोविंदा ने बताया कि उनके पिता ने मां निर्मला देवी से कहा था कि वह बेहद सुंदर हैं और बाहर काम मांगने जाने पर लोग उन्हें गलत नजर से देख सकते हैं। इसके बाद उनकी मां ने सिर मुंडवा लिया, आइब्रो हटवा लीं और साधु के वस्त्र धारण कर लिए। गोविंदा ने बताया कि उनकी मां ने अपने बच्चों की परवरिश के लिए इतना बड़ा फैसला लिया। मां के इस त्याग और समर्पण का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। वह आज भी अपनी मां को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा मानते हैं।
सुनीता कह चुकी हैं- अच्छे बेटे हैं गोविंदा, लेकिन अच्छे पति नहीं
दूसरी तरफ, सुनीता आहूजा भी कई मौकों पर अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात कर चुकी हैं। वह कह चुकी हैं कि गोविंदा एक अच्छे बेटे हैं, लेकिन अच्छे पति नहीं हैं। सुनीता ने यह भी कहा था कि वह अगले जन्म में गोविंदा को अपना पति नहीं बनाना चाहेंगी। दोनों के रिश्ते को लेकर सामने आई इन बातों के बीच गोविंदा का ताजा बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।
