दिल्ली में अमित शाह की 4 घंटे चली बैठक, पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन और राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में दिल्ली की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और काउंटर इंटेलिजेंस को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं।

चार साल बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह करीब चार साल बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से राजधानी की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी निर्देश दिए।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और खुफिया तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। राजधानी में त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना और विरोध प्रदर्शनों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

SIR के विरोध और प्रदर्शन के बीच अहम बैठक

अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

शुक्रवार को भी वामपंथी दलों और छात्र नेताओं ने दिल्ली में बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने SIR का विरोध करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग उठाई।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की थी एडवाइजरी

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की थी। इसमें दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक संभावित डायवर्जन की जानकारी दी गई और यात्रियों को प्रभावित मार्गों से बचने की सलाह दी गई।

जामिया में छात्रों की भूख हड़ताल भी चर्चा में

इधर, जामिया मिलिया इस्लामिया में पांच छात्र अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली, विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर को हटाने और निलंबन रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सख्त कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जानी चाहिए। राजधानी में विभिन्न मुद्दों पर जारी प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्री की पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक को कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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