कस्टम अधिकारियों की कार्रवाई पर उठाए सवाल
भगवंत मान के मुताबिक, पेरिस से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने उनके और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के सामान की जांच की। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। AAP का दावा है कि एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति मिलने से पहले मान को दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
मान ने इस मामले में वरिष्ठ कस्टम अधिकारी मनीष कुमार का जिक्र करते हुए उन्हें CEC ज्ञानेश कुमार का भाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई का संबंध AAP के रुख से है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
AAP और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AAP का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों और अधिकारियों का इस्तेमाल उसके नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
वहीं, बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मान के सामान को लेकर पोस्ट किए गए। इन पोस्ट में कथित तौर पर डिजाइनर जूते, बेल्ट और अन्य महंगी एक्सेसरीज का जिक्र किया गया। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।
पेरिस दौरे से लौटने के बाद शुरू हुआ विवाद
भगवंत मान 17 अक्टूबर 2026 को फ्रांस की राजधानी पेरिस के लिए रवाना हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने यह यात्रा की थी। वह 20-21 अक्टूबर के आसपास भारत लौटे।
