मुंबई: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तेल रिफाइनिंग के क्षेत्र में भारत की क्षमता की सराहना करते हुए उसे ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’ बताया है। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत के पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की मजबूत क्षमता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वेनेजुएला का अधिक तेल वैश्विक बाजार में आने पर भारत इस क्षमता का इस्तेमाल जारी रख सकता है।
रुबियो के इस बयान को भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग की संभावनाओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास वेनेजुएला में पहले से ही तेल संबंधी रियायतें मौजूद हैं, जिनके जरिए वह अपने तेल उत्पादन को भी बढ़ा सकता है।
भारत के पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता
मुंबई के ताज होटल स्थित ताज मेमोरियल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम है और पहले भी ऐसा कर चुका है। उनके मुताबिक, वेनेजुएला का तेल वैश्विक बाजार में अधिक मात्रा में उपलब्ध होने पर भारत के लिए इस क्षेत्र में अपनी भूमिका आगे बढ़ाने के अवसर पैदा हो सकते हैं।
रुबियो ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि देश के पास वेनेजुएला में तेल से जुड़ी रियायतें भी हैं। इनका लाभ उठाकर भारत तेल उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर सकता है।
वैश्विक ऊर्जा संकट में मददगार हो सकता है वेनेजुएला का तेल
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया में ऊर्जा की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बीच वेनेजुएला का तेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अकेले वैश्विक स्तर पर पैदा होने वाली तेल की कमी को पूरा नहीं कर सकता।
रुबियो के अनुसार, लंबी अवधि में वेनेजुएला तेल की आपूर्ति बढ़ाने में अहम योगदान दे सकता है, जबकि कम समय में भी इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ बातचीत में ऊर्जा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख विषयों में शामिल रहेंगे।
भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर होगी चर्चा
मार्को रुबियो ने कहा कि भारत के साथ पहले भी इस मुद्दे पर बातचीत हो चुकी है और भारत इस दिशा में सहयोग करने के लिए इच्छुक दिखाई दिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि प्रतिबंधों और अन्य परिस्थितियों के कारण कुछ बाधाएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि इन बाधाओं को दूर करने के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना होगा। इससे संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा वैश्विक तेल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा आगे भी जारी रह सकती है।
भारत की रिफाइनिंग क्षमता क्यों है अहम?
भारत दुनिया के प्रमुख तेल रिफाइनिंग केंद्रों में शामिल है। देश की रिफाइनरियां विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को संसाधित करने में सक्षम हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में वेनेजुएला के तेल की उपलब्धता बढ़ने पर भारत की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा व्यापार को नए अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि, वास्तविक लाभ तेल की उपलब्धता, कीमतों, प्रतिबंधों, व्यापारिक शर्तों और संबंधित कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, रुबियो के बयान ने भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग और वैश्विक तेल बाजार में भारत की भूमिका को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
